सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का शनिवार सुबह एम्स जोधपुर में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। बताया गया कि जेल में उपलब्ध दूषित पानी के सेवन से उन्हें पेट में गंभीर संक्रमण की शिकायत थी, जिसके बाद मेडिकल जांच की आवश्यकता पड़ी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम वांगचुक को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जोधपुर सेंट्रल जेल से एम्स लाया गया।
जेल से एम्स तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्थासोनम वांगचुक को जेल से एम्स जोधपुर तक ले जाने से पहले पूरे मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। जेल परिसर से लेकर अस्पताल तक अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी। सोनम वांगचुक को विशेष सुरक्षा बनाकर अस्पताल ले जाया गया।
विशेषक्ष डॉक्टरों ने की विस्तृत जांचएम्स जोधपुर में सोनम वांगचुक की जांच वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की ओर से की गई। सूत्रों के अनुसार, उनकी पेट संबंधी समस्याओं को देखते हुए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की ओर से विशेष रूप से परीक्षण किया गया। डॉक्टरों ने आवश्यक मेडिकल टेस्ट कर उनकी स्थिति का बारीकी से आकलन किया।
कोर्ट ने जांच कराने के निर्देश दिए थेइससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दूषित पेयजल से पेट संबंधी समस्याओं की सोनम वांगचुक की शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को एक विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा उनकी जांच कराने का निर्देश दिया। वांगचुक (59) जोधपुर केंद्रीय जेल में हिरासत में हैं।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने जेल अधिकारियों को वांगचुक की चिकित्सा रिपोर्ट सोमवार तक सीलबंद लिफाफे में उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि जलवायु कार्यकर्ता की तत्काल चिकित्सा जांच के लिए जेल अधिकारियों को निर्देश देने संबंधी एक याचिका दायर की गई है।
राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने हालांकि कहा कि पिछले चार महीनों में जेल चिकित्सक ने उनकी 21 बार जांच की है।
सोनम पर आरोपपिछले साल लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद 26 सितंबर को वांगचुक को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में चार लोग मारे गए और 90 लोग घायल हो गए थे।
सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है।
पीटीआई के इनपुट के साथ