अर्थव्यवस्था संकट में, क्या सरकार कोई समाधान पेश करेगी? बजट से पहले खरगे ने पूछा
TV9 Bharatvarsh February 01, 2026 03:42 AM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी (रविवार) को देश का आम बजट पेश करेंगी, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है. आम बजट में देश के अलग-अलग वर्गों को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिलने की उम्मीद है. इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान सामने आया है.

उन्होंने सकहा कि रविवार को पेश होने वाले बजट 2026 में उन्हें उन सब आर्थिक क्षेत्रों के लिए वास्तविक समाधान पेश किए जाने की उम्मीद है जिनमें गिरावट के संकेत नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अब विरासत का बहाना नहीं बना सकती, क्योंकि वह पिछले 12 सालों से सत्ता में है. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था संकट में है. उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार आम बजट में इसे उबारने के लिए कोई समाधान पेश करेगी.

‘विरासत के पीछे नहीं छिप सकती सरकार’

शनिवार (31 जनवरी) को कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि मोदी सरकार कि विरासत के पीछे नहीं छिप सकती क्योंकि उनकी अपनी विरासत ने पूरी अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व संकट में धकेल दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा’इस केंद्रीय बजट में मोदी सरकार ‘विरासत’ का बहाना नहीं बना सकती. उनकी अपनी विरासत ने ही अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व संकट में धकेल दिया है. क्या यह बजट उन अनेक आर्थिक संकेतकों का वास्तविक समाधान प्रस्तुत करेगा जो अब बेतहाशा गिर रहे हैं?’.

In this #UnionBudget, the Modi Government cannot hide behind the excuse of legacy. Their own legacy has pushed the economy into an unprecedented mess.

Will this Budget offer real solutions to the multiple economic indicators that are now in free fall? pic.twitter.com/dDo2MrYFkL

— Mallikarjun Kharge (@kharge)

खरगे ने उठाए सवाल

इसके साथ ही खरगे ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें कहा गया है कि आर्थिक समीक्षा जारी हो चुकी है और सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के शासनकाल में जो विनिर्माण वृद्धि 7.4 प्रतिशत थी, वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शासन के तहत गिरकर महज 3.54 फीसदी रह गई है.

‘मेक इन इंडिया अभियान विफल’

इस वीडियो में दावा किया गया है कि सरकार का मेक इन इंडिया अभियान विफल हो गया है, क्योंकि विनिर्माण 13 प्रतिशत पर अटका हुआ है, जबकि इसे 25 प्रतिशत तक ले जाने का वादा किया गया था. इसके साथ ही ये भी कहा गया है कि देश में हर दो स्नातकों में से केवल एक को रोजगार मिल रहा है और वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 80 सालों में सबसे कम हो गई है.

‘रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर’

वीडियो में में कहा गया है कि खाद्य मुद्रास्फीति के कारण परिवार भारी दबाव में हैं और लोगों की देनदारियां बढ़ रही हैं, जिसकी वजह से घरेलू बचत 7.4 प्रतिशत से घटकर 5.3 फीसदी हो गई है. इसके साथ ही ये दावा भी किया गया है कि भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92 पर पहुंच गया है और विदेशी निवेशक भाग रहे हैं.

वीडियो में कहा गया है कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में लगातार चार महीनों से नकारात्मक वृद्धि दर्ज की जा रही है. कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि क्या मोदी सरकार का 12वां बजट अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने के लिए समाधान पेश करेगा. उन्होंने दावा किया कि अर्थव्यवस्था पर संकट और विरासत दोनों ही मोदी सरकार की है.

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