भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने के लिए बजट में हुई बढ़ोतरी
Samachar Nama Hindi February 02, 2026 05:42 AM

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए भारत के फार्मास्युटिकल और बायोफार्मा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने रोजगार सृजन, उत्पादकता बढ़ाने और विकास में तेजी लाने की दिशा में व्यापक आर्थिक सुधार किए हैं। मंत्री ने आर्थिक विकास को और तेज करने और बनाए रखने के लिए फार्मास्यूटिकल्स सहित 7 रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ाने पर जोर दिया।

वित्त मंत्री ने लंबी उम्र और जीवन की गुणवत्ता के लिए सस्ती लागत पर जैविक दवाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ 'बायोफार्मा शक्ति (ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा उन्नति के लिए रणनीति)' की घोषणा की। इस कार्यक्रम को बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए एक मजबूत और आत्मनिर्भर इकोसिस्टम का निर्माण करके भारत को वैश्विक जैव-फार्मास्यूटिकल निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है

यह पहल उन्नत जैव विनिर्माण बुनियादी ढांचे में निवेश को प्रोत्साहन देगी और नवाचार को बढ़ाएगी साथ ही उच्च-मूल्य, अगली पीढ़ी के उपचारों में भारत की क्षमताओं को भी बढ़ाएगी, जिससे आयात निर्भरता कम होगी और स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत होगी।

बायोफार्मा शक्ति के तहत नैदानिक अनुसंधान के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत करने के लिए, वित्त मंत्री ने कहा कि देश भर में 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त नैदानिक परीक्षण स्थलों का एक नेटवर्क बनाया जाएगा।

वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को एक समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा कैडर और विशेषज्ञों के माध्यम से वैश्विक मानकों और अनुमोदन समय सीमा को पूरा करने के लिए मजबूत किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत करने पर जोर देते हुए मौजूदा सात एनआईपीईआर के उन्नयन के साथ-साथ तीन नए राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) की स्थापना की घोषणा की। यह कदम उन्नत फार्मास्युटिकल शिक्षा, उच्च अंत अनुसंधान और नवाचार के लिए भारत की क्षमता को बढ़ाएगा। इन प्रमुख संस्थानों के विस्तार और आधुनिकीकरण से अत्यधिक कुशल कार्यबल विकसित करने, उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी फार्मास्युटिकल और बायोफार्मास्युटिकल क्षेत्र के विकास का समर्थन करने में मदद मिलेगी।

ये उपाय सामूहिक रूप से भारत में एक मजबूत, नवाचार-संचालित और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी फार्मास्युटिकल और बायोफार्मास्युटिकल क्षेत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.