पाकिस्तान में महिला आत्मघाती हमलावरों का खौफनाक हमला: बीएलए की जिम्मेदारी
newzfatafat February 03, 2026 02:42 AM

हाल ही में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हुए समन्वित हमलों की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली है। संगठन ने सोमवार को दो महिला आत्मघाती हमलावरों की तस्वीरें जारी की हैं। इन हमलों में अब तक 17 सुरक्षाकर्मियों समेत लगभग 50 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रांत में सुरक्षा को और मजबूत किया गया है।


बीएलए का बयान और हमलावरों की पहचान

बीएलए द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि एक महिला हमलावर की पहचान 24 वर्षीय आसिफा मेंगल के रूप में हुई है, जो बलूचिस्तान के नुश्की क्षेत्र की निवासी है। संगठन का दावा है कि आसिफा ने अपने 21वें जन्मदिन पर बीएलए की मजीद ब्रिगेड में शामिल होने का निर्णय लिया था और जनवरी 2024 में आत्मघाती हमलावर बनने का फैसला किया। बीएलए के अनुसार, नुश्की स्थित आईएसआई मुख्यालय पर हमले को उसने अंजाम दिया।


पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की पुष्टि

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी इस बात की पुष्टि की है कि हालिया हमलों में महिला हमलावर शामिल थीं, लेकिन दूसरी महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दूसरी महिला हमलावर अपने पुरुष साथियों के साथ हथियारों के साथ नजर आ रही है। वीडियो में वह पाकिस्तानी सरकार पर तंज कसते हुए कहती है कि सरकार केवल आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं पर अपनी ताकत दिखा सकती है।


बीएलए का नया अभियान और सेना की प्रतिक्रिया

बीएलए ने अपने अभियान के दूसरे चरण की घोषणा की है, जिसे 'हेरोफ' या 'काला तूफान' नाम दिया गया है, जिसमें बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि आतंकियों के किसी भी शहर या संवेदनशील स्थान पर कब्जा करने के प्रयासों को विफल कर दिया गया है।


मुख्यमंत्री का बयान

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने क्वेटा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले 40 घंटों में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियानों में 145 आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि 17 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी आतंकवादियों के शव सुरक्षा एजेंसियों के पास हैं और उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। सेना के अनुसार, क्वेटा, मस्तंग, नुश्की, ग्वादर, पंजगुर और पसनी जैसे क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की गई थी, जिसे समय पर विफल कर दिया गया।


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