नए साल की शुरुआत पाकिस्तान के लिए कठिनाई लेकर आई है। भारत के साथ तनाव के बीच, अब पाकिस्तान के अंदरूनी हालात भी बिगड़ते जा रहे हैं। बलूचिस्तान में अलगाववादी समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने एक बार फिर से पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बड़े हमले किए हैं। बीएलए ने 14 शहरों में एक साथ हमला किया, जिसमें 15 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
कई स्थानों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को अपनी पोस्ट छोड़कर भागना पड़ा। बलूचिस्तान की राजधानी कोटा सबसे अधिक प्रभावित हुई है, जहां विद्रोहियों ने कई क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया है। बीएलए के लड़ाके ऑटोमेटिक हथियारों से लैस होकर शहर में सक्रिय हैं। नुस्की, मस्तंग, और कलात जैसे अन्य शहरों में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई है।
बीएलए ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 84 सदस्यों के मारे जाने का दावा किया है। समूह ने इस हमले को 'ऑपरेशन हेरॉफ फेज 2.0' नाम दिया है, जिसका अर्थ बलूची में 'काला तूफान' है। यह ऑपरेशन पहली बार अगस्त 2024 में शुरू किया गया था। जानकारों का मानना है कि इस हमले का समय जानबूझकर ईरान में चल रहे बड़े विद्रोह के साथ मेल खाता है।
इस बार हमलावरों में महिलाएं भी शामिल थीं, जो पहले आत्मघाती हमलों में भाग लेती थीं। यह एक नया मोड़ है, क्योंकि अब उन्होंने सीधे हमले किए हैं। यदि पाकिस्तानी सेना के मारे गए हमलावरों की संख्या 100 से अधिक है, तो यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।