भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का बहिष्कार: आर्थिक प्रभाव और आईसीसी की चेतावनी
newzfatafat February 03, 2026 02:42 AM

नई दिल्ली: आईसीसी टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक माना जाता है। इस एक मैच से होने वाली आय कई देशों के वार्षिक खेल बजट से भी अधिक होती है।


पाकिस्तान का मैच न खेलने का निर्णय

पाकिस्तान सरकार द्वारा भारत के खिलाफ मैच न खेलने के निर्णय ने क्रिकेट जगत में हलचल पैदा कर दी है। यदि टी20 वर्ल्ड कप में यह मुकाबला रद्द होता है, तो इससे न केवल आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ेगा।


भारत-पाकिस्तान मैच की आर्थिक कीमत

भारत और पाकिस्तान के बीच आईसीसी टूर्नामेंट का एक मैच लगभग 250 मिलियन डॉलर (2200 करोड़ रुपये) का होता है। इस भारी रकम के पीछे एक अरब से अधिक दर्शकों की वैश्विक पहुंच है। यही कारण है कि आईसीसी हर बड़े टूर्नामेंट में इन दोनों टीमों को एक ही समूह में रखता है। विज्ञापन, स्पॉन्सरशिप और प्रसारण से जुड़ी पूरी अर्थव्यवस्था इस मुकाबले पर निर्भर करती है।


बहिष्कार का आर्थिक प्रभाव

यदि पाकिस्तान 15 फरवरी को होने वाला मैच नहीं खेलता है, तो इसका नुकसान केवल उसे ही नहीं होगा। मेज़बान ब्रॉडकास्टर को 200 से 250 करोड़ रुपये तक का विज्ञापन घाटा हो सकता है। इस मैच के दौरान 10 सेकंड के विज्ञापन की कीमत 40 लाख रुपये तक होती है। वॉकओवर की स्थिति में भारत को अंक मिल जाएंगे, लेकिन आईसीसी और मीडिया पार्टनर्स को बड़ा आर्थिक झटका लगेगा।


पीसीबी की वित्तीय स्थिति

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की वार्षिक आय लगभग 35.5 मिलियन डॉलर है। वहीं, एक भारत-पाकिस्तान मैच की कीमत 250 मिलियन डॉलर आंकी जाती है, जो पीसीबी की सालाना कमाई से लगभग सात गुना अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मैच से हटना पाकिस्तान क्रिकेट के लिए आर्थिक दृष्टि से अत्यंत हानिकारक हो सकता है।


आईसीसी की प्रतिक्रिया

आईसीसी ने पाकिस्तान के निर्णय पर कड़ा रुख अपनाया है। परिषद का कहना है कि चुनिंदा मैच खेलने का निर्णय वैश्विक टूर्नामेंट की भावना के खिलाफ है। आईसीसी के अनुसार, सभी टीमों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समान शर्तों पर खेलना चाहिए। नियमों के तहत आईसीसी को पीसीबी पर आर्थिक जुर्माना लगाने का अधिकार भी है, हालांकि इसकी राशि सार्वजनिक नहीं की गई है।


पाकिस्तानी टीम का कोलंबो पहुंचना

इस बीच, पाकिस्तान की टीम कोलंबो पहुंच चुकी है। भारत-पाकिस्तान मुकाबलों के लिए 2027 तक हाइब्रिड मॉडल पर सहमति बनी हुई है, इसलिए अचानक पीछे हटना पीसीबी के लिए कठिन हो सकता है। यदि यह मुकाबला नहीं होता है, तो करोड़ों रुपये का नुकसान होगा और टूर्नामेंट की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
 


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