राजस्थान में बाड़मेर जिले के धनाऊ थाना क्षेत्र से हैरान करने वाला मामला सामने आया हैं. यहां एक मृत महिला के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि महिला ने एक घर में घुसकर मारपीट की और जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया. एफआईआर दर्ज होने के बाद बाड़मेर पुलिस की किरकिरी हो रही है.
दरअसल, बाड़मेर जिले के चौहटन उपखंड क्षेत्र के धनाऊ थाने में केवा राम की रिपोर्ट के आधार पर दीनगढ़ निवासी मूलाराम, केसाराम, हेमाराम, भीखाराम, भिखी देवी, लाछी देवी, धर्माराम, रूपादेवी, दुदाराम और दुदाराम की पत्नी दौली सहित कीरब 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गाय है. पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने प्लाट में कब्जा करने की नियत से मारपीट और तोड़ फोड़ बीच की. वहीं बीच बचाव करने पर अभद्रता करते हुए जाति सूचक गालियां देकर अपमानित किया. विरोध करने पर आरोपियों ने जानलेवा हमला किया, जिससे उनके परिवार के कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
सात साल पहले हो चुकी महिला की मौतहालांकि, हैरानी की बात यह है कि 2018 में जिस महिला की मौत हो चुकी है उस महिला ने कैसे 2026 में किसी के प्लाट में घुसकर जानलेवा हमला किया और जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया. फिलहाल धनाऊ पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. हालांकि, मृतक महिला के खलाफ दर्ज FIR पुलिस की सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.
पुलिस की हो रही किरकिरीवहीं मृतक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस अपनी नाकामी छिपाने में लगी है. वहीं इस मामले का बाद से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं और विभाग की किरकिरी हो रही है. महिला की मौत 2018 में ही हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले में संज्ञान लेने का निवेदन किया है.