केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत मध्यप्रदेश में आर्थिक और सामाजिक विकास के कई अवसर सामने आए हैं। इस बजट में निवेश, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और सामाजिक समावेश को विशेष महत्व दिया गया है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में इससे नए निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
बजट में औद्योगिक निवेश और निर्माण क्षेत्र के लिए सरल प्रक्रियाओं और निवेश-अनुकूल नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इससे राज्य में निवेश वातावरण मजबूत होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इसके साथ ही युवा और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसरों का सृजन किया गया है। एमएसएमई सेक्टर के लिए वित्तीय समर्थन बढ़ाने और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं को शामिल किया गया है।
शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए सिटी ईकॉनामिक रीजन बनाने की नीति से शहरों में व्यवस्थित आर्थिक केंद्र स्थापित होंगे। यह नीति औद्योगिक क्लस्टरिंग, आधुनिक अधोसंरचना और व्यापारिक सुगमता को बढ़ाने में मदद करेगी। बजट के माध्यम से राज्य के प्रमुख शहर निवेश-अनुकूल आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
कौशल विकास और शिक्षा क्षेत्र में भी नए अवसर दिए गए हैं। 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना से युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन और खेल के क्षेत्र में प्रशिक्षण और कौशल विकास योजनाएं युवाओं को रोजगार और नए अवसर प्रदान करेंगी।
सामाजिक समावेश और मानव-पूंजी निर्माण को ध्यान में रखते हुए दिव्यांगजन कौशल योजना, गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा-कौशल आधारित पहल से आर्थिक विकास और सामाजिक सशक्तिकरण का संतुलन सुनिश्चित किया गया है।
केंद्रीय बजट 2026-27 प्रशासनिक सरलीकरण, संरचनात्मक सुधार और वित्तीय स्थिरता के माध्यम से मध्यप्रदेश को तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। यह बजट केवल नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए संभावनाओं का एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी है।