दिल्ली सरकार ने नगर निगम (MCD) की सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ₹500 करोड़ का विशेष बूस्टर फंड देने का फैसला किया है। इसके साथ ही हर वर्ष ₹300 करोड़ के नियमित फंड की व्यवस्था भी की गई है, जिसका उपयोग नगर सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह राशि मुख्य रूप से कचरा संग्रहण, निस्तारण, सड़क सफाई और धूल प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी गतिविधियों पर खर्च की जाएगी। इसके तहत आधुनिक सफाई मशीनें, मैकेनिकल स्वीपर और अन्य उपकरणों की खरीद की योजना है, ताकि शहरी क्षेत्रों में सफाई कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
दिल्ली सरकार ने MCD को ₹500 करोड़ का बूस्टर फंड दिया है और हर साल ₹300 करोड़ के नियमित फंड की भी व्यवस्था की है।
— CMO Delhi (@CMODelhi) February 3, 2026
इससे दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन को नई ताकत मिलेगी। नई आधुनिक सफाई मशीनें आएंगी और धूल से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रभावी काम होगा।
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विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते प्रदूषण और ठोस कचरे की समस्या को देखते हुए स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ाना जरूरी है। अतिरिक्त फंडिंग से एमसीडी को संसाधन और तकनीकी सुधार लागू करने में मदद मिल सकती है, जिससे सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर बेहतर काम हो सकेगा।
बताया जा रहा है कि नई मशीनों और तकनीकों के इस्तेमाल से सड़कों पर जमी धूल और कचरे को तेजी से हटाया जा सकेगा, जिससे वायु गुणवत्ता सुधारने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
यह पहल शहरी प्रबंधन और बुनियादी सेवाओं को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य राजधानी में स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है।