नई दिल्ली। देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने Free Silai Machine Yojana (जिसे कई राज्यों में 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' या 'पीएम विश्वकर्मा योजना' के नाम से भी जाना जाता है) के तहत एक बड़ा अपडेट जारी किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को घर बैठे रोजगार का अवसर प्रदान करना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को सिलाई मशीन खरीदने के लिए सीधे उनके बैंक खाते में ₹15,000 की टूलकिट प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह कदम न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।योजना का मुख्य उद्देश्य: 'हुनर से स्वरोजगार'Free Silai Machine Yojana 2026 का लक्ष्य उन महिलाओं को सहारा देना है जो आर्थिक तंगी के कारण अपना हुनर नहीं दिखा पातीं।आर्थिक आजादी: ₹15,000 की मदद से महिलाएं आधुनिक सिलाई मशीन और सिलाई से जुड़ा अन्य जरूरी सामान खरीद सकती हैं।घर से काम: सिलाई एक ऐसा कौशल है जिसे महिलाएं घर की जिम्मेदारियों को निभाते हुए आसानी से कर सकती हैं।सम्मानजनक जीवन: अपना काम शुरू करने से महिलाओं की समाज और परिवार में एक नई पहचान बनती है।पात्रता की शर्तें: किसे मिलेगा ₹15,000 का लाभ?योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ मानक तय किए हैं, ताकि मदद सही हाथों तक पहुँचे:नागरिकता: आवेदक महिला का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।आयु सीमा: महिला की उम्र आमतौर पर 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए (राज्यानुसार इसमें रियायत संभव है)।आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित गरीबी रेखा की सीमा के भीतर होनी चाहिए।प्राथमिकता: विधवा, तलाकशुदा, दिव्यांग और बीपीएल (BPL) श्रेणी की महिलाओं को चयन प्रक्रिया में वरीयता दी जाती है।जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक (Aadhar Linked), और पासपोर्ट साइज फोटो।आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइडअब इस योजना के लिए आवेदन करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और डिजिटल हो गया है:ऑनलाइन आवेदन: आप अपने राज्य की आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या PM Vishwakarma पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकती हैं।ऑफलाइन विकल्प: ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं ग्राम पंचायत और शहरों में नगर निगम या संबंधित सरकारी विभाग के कार्यालय से फॉर्म प्राप्त कर सकती हैं।सत्यापन (Verification): फॉर्म जमा होने के बाद विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाती है। कुछ मामलों में महिलाओं को 5 से 15 दिनों का निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण (Training) भी दिया जाता है, जिसके दौरान प्रतिदिन का भत्ता भी मिलता है।राशि का भुगतान: पात्रता कन्फर्म होने के बाद ₹15,000 की राशि सीधे DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेज दी जाती है।सफल होने के लिए 'प्रो' टिप्सप्रशिक्षण का लाभ उठाएं: यदि सरकार सिलाई की ट्रेनिंग दे रही है, तो उसे जरूर लें। इससे आपको आधुनिक डिजाइन और बारीकियां सीखने को मिलेंगी।मार्केटिंग: मशीन मिलने के बाद अपने आसपास के लोगों को बताएं। आप स्कूल यूनिफॉर्म, ब्लाउज या स्थानीय बुटीक से काम ले सकती हैं।सावधानी: इस योजना के नाम पर किसी भी एजेंट या बिचौलिए को पैसे न दें। यह पूरी तरह से सरकारी और पारदर्शी प्रक्रिया है।