इधर संसद में किताब पर घमासान, उधर इस चुनावी राज्य में रिलीज हुई ये बुक; कोर्ट पहुंचा था मामला
TV9 Bharatvarsh February 05, 2026 03:43 PM

एक ओर जहां संसद में पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रि) एमएम नरवणे की किताब पर हंगामा मचा है, वहीं दूसरी ओर केरल में एक विवावित बुक को रिलीज कर दिया गया है. किताब का नाम नेथ्रुत्वथे अनिकल थिरुथानम है. इसे लिखा है CPM से निकाले गए नेता वी कुन्हीकृष्णन ने. नेथ्रुत्वथे अनिकल थिरुथानम का हिंदी में मतलब आम कार्यकर्ताओं को नेतृत्व को सुधारना चाहिए होता है.

पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन के आईटी सलाहकार जोसेफ सी मैथ्यू ने साथी वामपंथी विचारक स्वर्गीय एमएन विजयन के बेटे और लेखक वीएस अनिल कुमार को किताब की एक कॉपी देकर बुक रिलीज की. CPM के विरोध के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. कई लोगों ने वी कुन्हीकृष्णन से हाथ मिलाया और उन्हें बधाई दी.

कुन्हीकृष्णन ने क्या कहा?

दर्शकों द्वारा लगाए गए इंकलाब जिंदाबाद के नारों के बीच किताब लॉन्च की गई. अपने भाषण में कुन्हीकृष्णन ने कहा कि नए मीडिया के जरिए एक कैंपेन चलाया जा रहा था कि बुक लॉन्च सेरेमनी टाल दी गई है. मुझे पर्सनली गालियां दी जा रही हैं. WhatsApp पर लगातार ऐसे अश्लील मैसेज आ रहे हैं जिन्हें ऑडियंस के सामने नहीं कहा जा सकता. मैं पर्सनली ऐसी चीजों में फंस रहा हूं जो एक तरह की ग्लोरी किलिंग है.

किताब लॉन्च होने के बाद अपने भाषण में जोसेफ सी मैथ्यू ने कहा कि कुन्हीकृष्णन भी वैसी ही बातें कह रहे हैं जैसी वीएस अच्युतानंदन ने कही थीं. सच के साथ खड़े होने के लिए अच्युतानंदन को पॉलिट ब्यूरो से निकाल दिया गया था. उन्होंने पूछा कि कम्युनिज्म और सच दो अलग-अलग चीजें कब बन गईं.

किताब में क्या-क्या?

इस किताब में 16 चैप्टर हैं और यह 96 पेज की है. इसमें स्थानीय CPM लीडरशिप द्वारा कथित भ्रष्टाचार, पार्टी फंड के गलत इस्तेमाल और क्रोनी कैपिटलिज्म के बढ़ने का खुलासा किया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुन्हीकृष्णन ने अपनी किताब में तर्क दिया है कि पार्टी चुनाव-केंद्रित हो गई है और नेता वित्तीय गड़बड़ियों में शामिल लोगों को बचाने के लिए लोकतांत्रिक केंद्रीकरण के सिद्धांत का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. किताब में दावा किया गया है कि अगर पार्टी को सुधारना है तो आम कार्यकर्ताओं को लीडरशिप को ठीक करना होगा.

किताब में CPM पय्यानूर के विधायक टी आई मधुसूदनन से जुड़े 46 लाख रुपये के फंड के गलत इस्तेमाल के बारे में भी बताया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2016 में मारे गए 36 वर्षीय सीवी धनराजन के परिवार की मदद के लिए जुटाए गए फंड का भी गलत इस्तेमाल किया गया. धनराजन के डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीपीएम की युवा शाखा) के कार्यकर्ता थे. उन्हें शहीद का दर्ज दिया गया.

इस फंड को लेकर पिछले महीने (जनवरी) केरल विधानसभा में हंगामा भी हुआ था. विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने कहा कि लोगों से लाखों रुपये ठगे गए और इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वालों के साथ CPI(M) कार्यकर्ताओं ने मारपीट की. उन्होंने यह भी कहा कि जिस CPI(M) नेता ने इन गड़बड़ियों का खुलासा किया था, उसे भी धमकियां मिल रही हैं.

कोर्ट ने दिया था आदेश

इससे पहले 30 जनवरी को केरल हाई कोर्ट ने किताब के विमोचन समारोह के लिए पुलिस सुरक्षा का आदेश दिया था. जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की सिंगल बेंच ने कन्नूर के डिस्ट्रिक्ट पुलिस चीफ और पय्यानूर के SHO को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि CPM से निकाले गए नेता की किताब के विमोचन से पहले उनकी जान की पूरी सुरक्षा की जाए.

सीपीएम ने 26 जनवरी को पार्टी के कन्नूर जिला समिति के सदस्य कुन्हिकृष्णन को पय्यान्नूर विधायक टीआई मधुसूदनन और अन्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया.

दिल्ली में नरवणे की किताब पर हंगामा

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की किताब को लेकर सरकार पर हमलावर हैं. ये किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है. राहुल इसकी एक प्रति लेकर संसद पहुंचे और इसके एक अंश का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन के टैंक भारत की सीमा की तरफ बढ़ रहे थे, उस वक्त प्रधानमंत्री मोदी ने अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन नहीं किया था. उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी सदन में आते हैं तो वह यह बुक उन्हें भेंट करेंगे. किताब पर हंगामे के कारण कई बार सदन की कार्यवाही को स्थगित किया गया.

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