अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल आज भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा. भारतीय अंडर-19 टीम की निगाहें अपने छठे खिताब पर होंगी. इंग्लैंड ने अपना एकमात्र खिताब 1998 में जीता था. उसके बाद इंग्लैंड 2022 में फाइनल तक पहुंचा, लेकिन भारत से हार गया था. अब एक बार फिर दोनों टीमें आमने सामने हैं. वैभव सूर्यवंशी, आरोन जॉर्ज, आयुष म्हात्रे, हेनिल और खिलन पटेल से आज अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें होंगी, इंग्लैंड के भी कई खिलाड़ी हैं जो टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए आ रहे हैं और आज अहम रोल निभा सकते हैं.
भारतीय टीम 10वीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची है. टीम ने 5 खिताब (2000, 2008, 2012, 2018 और 2022) जीते हैं और 4 बार फाइनल में हारी है. इंग्लैंड 2 बार फाइनल तक पहुंची है, एक बार (1998) जीती है और दूसरी (2022) बार भारत से ही हारी है.
भारत अंडर-टीम और इंग्लैंड अंडर-19 टीम के बीच कुल 54 मैच हुए हैं. इसमें भारत का दबदबा साफ दिखता है, 40 बार टीम इंडिया और 13 बार इंग्लैंड जीता है. 1 मैच टाई हुआ.
बेन मेयस (Ben Mayes) जारी संस्करण में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 6 पारियों में 399 रन बनाए हैं. आज अच्छी पारी खेलकर वह पहले नंबर पर भी आ सकते हैं, वह फैसल से सिर्फ 36 रन पीछे हैं. बेन ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 191 रनों की शानदार पारी खेली थी, उन्होंने ज़िम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्धशतक लगाया था. वह शानदार फॉर्म में हैं और आज भारतीय गेंदबाजों को चाहिए कि उन्हें जल्दी आउट करे.
थॉमस रीव (Thomas Henry) भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में खेले 6 मैचों में 299 रन बनाए हैं. वह एक शतक और 2 अर्धशतक लगा चुके हैं. बड़ी बात ये हैं कि इंग्लैंड के ये दोनों बल्लेबाज से आगे सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में भारत का कोई बल्लेबाज नहीं है.
मैनी लम्सडेन (M Lumsden) अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, उन्होंने 6 मैचों में 15 विकेट चटकाए हैं. उनकी इकॉनमी भी 3.95 की ही है. आज वैभव सूर्यवंशी, आरोन जॉर्ज को उन्हें संभलकर खेलना होगा, अगर ये सस्ते में आउट हुए तो भारत पर दबाव बढ़ जाएगा.
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं, जिन्होंने 6 मैचों में 264 रन बनाए हैं. वैभव 3 अर्धशतक लगा चुके हैं, हालांकि उनके बल्ले से कोई शतक नहीं आया है. लेकिन सेमीफाइनल में वैभव ने 200 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 68 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी, ऐसी ही एक अच्छी पारी आज भी चाहिए.
विहान मल्होत्रा (Vihan Malhotra) भी अच्छी फॉर्म में हैं, जो टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. विहान ने 6 मैचों में 210 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक भी शामिल है.
आरोन जॉर्ज (Aaron George) और आयुष मल्होत्रा (Ayush Malhotra) ने सेमीफाइनल में अच्छी पारी खेली थी, जॉर्ज ने शतक (115) और आयुष ने अर्धशतक (62) लगाया था. हालांकि आयुष का बल्ला इससे पहले खामोश ही नजर आया, लेकिन देखना होगा कि क्या आयुष अपनी वापस आई फॉर्म को फाइनल में बरकरार रख पाते हैं.
हेनिल पटेल (Henil Patel) भारत के लिए जारी संस्करण में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, जिन्होंने 6 मैचों में 11 विकेट लिए हैं. हालांकि अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में वह कोई विकेट नहीं ले पाए, जो चिंता का सबब बन आया है. आज उनसे अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद है, जो वो अभी तक करते हुए आए हैं.
आरएस अम्ब्रीश (Ambrish RS) की गेंदबाजी अभी तक प्रभावी रही है, गेंद की गति में मिश्रण इसे और खास बनाता है. हालांकि वह भी सेमीफाइनल में कोई विकेट नहीं ले पाए थे, लेकिन आज उनसे अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी. चुनौती ये है कि हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच बल्लेबाजों को मदद कर रही है, यहां गेंदबाजों के लिए थोड़ी मुश्किल जरूर है.
भारत: एरोन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलान पटेल, हेनिल पटेल, दीपेश देवेंद्रन।
इंग्लैंड: बेन डॉकिन्स, जोसेफ मूरेस, बेन मेयस, थॉमस रीव (कप्तान/विकेटकीपर), कालेब फाल्कनर, राल्फी अल्बर्ट, फरहान अहमद, सेबेस्टियन मॉर्गन, जेम्स मिंटो, मैनी लम्सडेन, एलेक्स फ्रेंच.