आरबीआई MPC बैठक में MSME के लिए 20 लाख रुपये तक बिना गारंटी लोन का प्रस्ताव, KCC के लिए जारी होगी नई गाइडलाइन
et February 06, 2026 03:42 PM
में गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 5.25 % पर ही स्थिर है। इसके अलावा छोटे कारोबारियों के लिए इस बैठक में बड़े प्रस्ताव रखे गए हैं। आरबीआई गवर्नर ने मीडियम, एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSME) के लिए बिना गारंटी के लोन की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। ताकि छोटे व्यापारियों को आसानी से मिल सके और छोटे उद्योगों का ज्यादा विकास हो सके।

एमएसएमई के विकास के लिए प्रस्ताव एमएसएमई को भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है। सेक्टर में कई छोटे-छोटे व्यवसाईयों का संचालन होता है। एमएसएमई सेक्टर के विकास के लिए आरबीआई ने कॉलेटरल फ्री लोन की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। ताकि छोटे व्यापारियों को कार्यशील पूंजी के लिए या अपने व्यापार के विस्तार के लिए आसानी से फंड उपलब्ध हो सके। इससे व्यापार में वृद्धि और ऋण के नियमों में सरलता आएगी। इसका असर आर्थिक विकास के साथ ही रोजगार सृजन पर भी पड़ेगा। इस प्रस्ताव से एमएसएमई सेक्टर को बड़ा लाभ होगा।

भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक आरबीआई की एमपीसी मीट 4 फरवरी से शुरू हुई थी। यह बैठक हर दो महीनों में होती है। जिनमें मौद्रिक नीतियों की समीक्षा की जाती है। पिछली बैठक दिसंबर 2025 में हुई थी। अब अगली बैठक अप्रैल 2026 में होगी। दिसंबर में रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी। इसके बाद रेपो रेट 5.50% से कम होकर 5.25 प्रतिशत कर दी गई थी। जिसे इस बार की बैठक में स्थिर रखा गया है।

KCC को लेकर नई गाइडलाइन आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी बैठक के बाद यह भी कहा कि वे किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना को और बेहतर बनाने के लिए नई गाइडलाइन जारी करेंगे। ताकि इस योजना के अंतर्गत किसानों को मिलने वाला लोन आसान प्रक्रिया से मिल सके। गवर्नर ने कहा कि एक यूनिफाइड पोर्टल भी लॉन्च किया जा सकता है। ताकि क्रेडिट प्रोग्राम के साथ ही जिले में बैंकिंग योजनाओं की जानकारी भी आसानी से हासिल हो सके।
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