वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की तारीख बढ़ी, अब अंतिम सूची 10 अप्रैल को होगी जारी
मानसी उपाध्याय February 07, 2026 12:12 PM

चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण करता है, ताकि कोई भी योग्य नागरिक छूट न जाए और गलत नामों को हटाया जा सके. इसी बीच उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision, SIR) अभियान को लेकर चुनाव आयोग ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है. जिन लोगों का नाम अभी तक वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ पाया था, या जिनके नाम, उम्र, पता या अन्य विवरण में गलती है, उनके लिए अब एक महीना अतिरिक्त समय दिया गया है. 

अब 6 मार्च तक कर सकेंगे आवेदन

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा ने लखनऊ स्थित लोक भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि अब मतदाता 6 मार्च 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं. पहले इसकी अंतिम तिथि 6 फरवरी थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है. इसका मतलब यह है कि नए मतदाता फॉर्म 6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं. गलत या डुप्लीकेट नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 भरा जा सकता है. नाम, उम्र, पता या अन्य जानकारी में सुधार के लिए फॉर्म 8 का यूज किया जा सकता है. 

27 अक्टूबर से शुरू हुई थी SIR प्रक्रिया

सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 27 अक्टूबर से शुरू हुआ था. इसके तहत 4 नवंबर से 6 जनवरी तक घर-घर जाकर मतदाता गणना की गई. 6 जनवरी को मतदाता सूची का ड्राफ्ट (मसौदा सूची) जारी किया गया. इसके बाद 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां ली गईं, लेकिन बड़ी संख्या में आवेदन आने और राजनीतिक दलों की मांग को देखते हुए, समय सीमा को एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया. 

अब 10 अप्रैल को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट

चुनाव आयोग के नए कार्यक्रम के अनुसार 6 मार्च तक आवेदन लिए जाएंगे. 27 मार्च तक सभी दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा और 10 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. 

लाखों आवेदन, करोड़ों नोटिस

चुनाव विभाग के जारी आंकड़ों के अनुसार नाम हटाने के लिए 82,684 फॉर्म-7 भरे गए, नाम जोड़ने के लिए लगभग 37.8 लाख फॉर्म-6 जमा हुए, प्रवासी मतदाताओं के लिए फॉर्म 6A के तहत अब तक 1,076 आवेदन आए. इसके अलावा कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने हैं.अब तक 2.37 करोड़ नोटिस जारी हो चुके हैं.86.27 लाख नोटिस मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं. लगभग 30 लाख मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है. 

कई नामों में गड़बड़ी और नोटिस जारी

चुनाव विभाग ने बताया कि करीब 14 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम तो ड्राफ्ट सूची में हैं, लेकिन उनका भौतिक मैपिंग नहीं हो पाया. 22 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनकी मैपिंग तो हो गई, लेकिन विवरण में कुछ गड़बड़ी पाई गई. ऐसे सभी मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं, ताकि सही जानकारी के आधार पर फैसला लिया जा सके. मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), सभी कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक मतदान केंद्रों पर उपलब्ध रहेंगे. मतदाता उनसे सीधे मिलकर फॉर्म भरने और जानकारी लेने में मदद ले सकते हैं. वहीं चुनाव आयोग ने माना कि अभी भी कई महिलाएं और 18 से 21 वर्ष के युवा मतदाता मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं. ऐसे सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे आगे आकर समय रहते आवेदन करें. 

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