दिल्ली के इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स (IGNCA) में शुक्रवार से दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल के 14वें संस्करण की शुरुआत हो गई है. यह साहित्यिक मेला अगले तीन दिनों तक चलेगा, जहां किताबों, लेखकों, कला और संस्कृति का सुंदर मेल देखने को मिलेगा. इस खास कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने किया. उद्घाटन समारोह में बोलते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि साहित्य सिर्फ कहानियों और किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह समाज को सोचने और समझने की दिशा देता है. उन्होंने कहा कि साहित्य हमें हमारी संस्कृति और सभ्यता से जोड़े रखता है और नई पीढ़ी को सही रास्ता दिखाता है.
इस मौके पर स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल भी मौजूद रहे. उनकी मौजूदगी से इस कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली. फेस्टिवल की चेयरपर्सन भारती भार्गव ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ विकास की बात करना नहीं है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी सहेज कर आगे बढ़ाना है. उन्होंने बताया कि साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है.
लेखकों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान हिंदी के प्रसिद्ध लेखक स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद शाम को ‘ऑथर अवार्ड्स 2026’ का आयोजन हुआ. इसमें अलग-अलग भाषाओं के लेखकों को उनके बेहतरीन लेखन के लिए सम्मानित किया गया. कुल 13 श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए. इस मंच पर नए और उभरते लेखकों को भी अपनी बात रखने का मौका मिला, जिससे युवा लेखकों का उत्साह बढ़ा. पहले दिन का समापन आचार्य प्रशांत के विशेष सत्र के साथ हुआ. इस सत्र में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उनकी बातें ध्यान से सुनीं.
आगे क्या होगा
दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल 8 फरवरी तक चलेगा. आने वाले दिनों में सीमा आनंद, नीलोत्पल मृणाल और शंभू शिखर जैसे प्रसिद्ध लेखक और कवि अपनी रचनाओं और विचारों को लोगों के साथ साझा करेंगे. यहां किताबों पर चर्चा, कविताओं का पाठ और विचारों का आदान-प्रदान होगा.