'दोस्त-दोस्त ना रहा...', भारत-US ट्रेड डील पर कांग्रेस ने साधा निशाना, जयराम रमेश ने कहा - भारी पड़े नमस्ते ट्रंप
एबीपी लाइव February 07, 2026 03:42 PM

भारत और अमेरिका के बीच घोषित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस डील पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि अमेरिका-भारत संयुक्त बयान में कई अहम बातें अब भी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन जो जानकारियां सामने आई हैं. वे भारत के हितों को लेकर चिंता पैदा करती हैं.

जयराम रमेश के अनुसार, इस समझौते के बाद भारत अब रूस से तेल आयात नहीं करेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने साफ कर दिया है कि यदि भारत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से तेल खरीदता है, तो उस पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क फिर से लगाया जा सकता है. कांग्रेस नेता का कहना है कि यह फैसला भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्वतंत्र विदेश नीति पर दबाव डालने जैसा है.

किसानों के हितों को लेकर चिंता

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस डील के तहत भारतीय किसानों की कीमत पर अमेरिकी किसानों को फायदा पहुंचाया जाएगा. उनके मुताबिक, भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात पर शुल्कों में बड़ी कटौती करेगा, जिससे घरेलू किसानों को नुकसान हो सकता है. जयराम रमेश ने इसे कृषि क्षेत्र के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बताया.

व्यापार संतुलन बदलने का दावा

जयराम रमेश का कहना है कि इस समझौते के बाद अमेरिका से भारत का वार्षिक आयात लगभग तीन गुना तक बढ़ सकता है. इससे वस्तुओं के व्यापार में भारत का लंबे समय से बना आ रहा सरप्लस खत्म हो जाएगा. उन्होंने इसे भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक नकारात्मक संकेत बताया.

IT और सेवा क्षेत्र पर अनिश्चितता

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अमेरिका में भारत के आईटी और अन्य सेवा निर्यात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. उनके अनुसार, इस डील में सेवा क्षेत्र को लेकर कोई ठोस गारंटी नजर नहीं आती, जिससे भारतीय आईटी कंपनियों और पेशेवरों के भविष्य पर सवाल बने हुए हैं.

भारतीय निर्यात पर ज्यादा शुल्क का आरोप

जयराम रमेश ने दावा किया कि भारत के वस्तु निर्यात को अब अमेरिका में पहले की तुलना में ज्यादा शुल्कों का सामना करना पड़ेगा. उनका कहना है कि इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता कमजोर हो सकती है.

राजनीतिक तंज और तीखी टिप्पणी

अपने पोस्ट के अंत में जयराम रमेश ने इस पूरे घटनाक्रम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इतनी झप्पियों और फोटो-ऑप्स का कोई खास नतीजा नहीं निकला. उन्होंने लिखा कि नमस्ते ट्रंप पर हाउडी मोदी भारी पड़ गया और दोस्त, दोस्त न रहा. कांग्रेस नेता की इस टिप्पणी को सरकार की अमेरिका नीति पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है.

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