नए इनकम टैक्स नियम 2026 जारी: 1 अप्रैल से पहले जानिए टैक्सपेयर्स के लिए क्या बदलेगा
Rajasthankhabre Hindi February 09, 2026 01:42 AM

इनकम टैक्स विभाग ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 जारी कर दिए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के लिए विस्तृत कार्यान्वयन ढांचा तय करते हैं। यह बदलाव भारत के प्रत्यक्ष कर इतिहास में पिछले 60 वर्षों का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है।

सरकार ने इन नियमों को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया है, ताकि टैक्सपेयर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, इंडस्ट्री बॉडीज और कॉर्पोरेट्स 22 फरवरी 2026 तक अपने सुझाव दे सकें। इसके बाद इन नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

छह दशक पुराने ढांचे की होगी विदाई

अब तक इनकम टैक्स प्रशासन लगभग 1960 के दशक में बने नियमों के आधार पर संचालित हो रहा था। समय के साथ बार-बार हुए संशोधनों ने इस व्यवस्था को जटिल और भारी बना दिया था। नए प्रस्तावित नियमों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नियमों की संख्या में बड़ी कटौती की गई है।

जहां पहले कुल 511 नियम थे, वहीं अब इन्हें घटाकर 323 नियमों में समाहित किया गया है। इससे कानून अधिक स्पष्ट, संक्षिप्त और उपयोगकर्ता-अनुकूल बन गया है।

सरल भाषा और आधुनिक प्रशासन पर जोर

सरकार का स्पष्ट कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य कर दरों में बदलाव नहीं, बल्कि कानून की भाषा को आसान बनाना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर करना है। सरल शब्दावली के उपयोग से नियमों की व्याख्या में होने वाले विवाद कम होंगे।

इससे आम टैक्सपेयर्स को भी बिना विशेषज्ञ सहायता के टैक्स से जुड़े नियम समझने में मदद मिलेगी।

तकनीक आधारित स्मार्ट टैक्स फॉर्म्स

ड्राफ्ट नियमों के तहत नई पीढ़ी के स्मार्ट टैक्स फॉर्म्स पेश किए जाएंगे। इनमें प्री-फिल्ड डाटा, ऑटोमैटिक रिकॉन्सिलिएशन और सिस्टम-आधारित वैलिडेशन जैसे फीचर्स शामिल होंगे।

तकनीक के इस बेहतर उपयोग से रिटर्न फाइलिंग के दौरान होने वाली मानवीय गलतियां कम होंगी, प्रोसेसिंग तेज होगी और टैक्सपेयर्स का अनुभव पहले से बेहतर बनेगा।

महत्वपूर्ण टैक्स क्षेत्रों में स्पष्टता

नए ड्राफ्ट नियम कई ऐसे मुद्दों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हैं, जिन पर पहले अक्सर विवाद होते थे। इनमें शामिल हैं:

  • संपत्तियों के फेयर मार्केट वैल्यू निर्धारण की प्रक्रिया
  • कैपिटल एसेट्स की होल्डिंग अवधि की गणना के नियम
  • नए और सरल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्मेट
  • दस्तावेज़ीकरण और डिस्क्लोजर से जुड़ी प्रक्रियाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्पष्टीकरणों से अनावश्यक मुकदमेबाजी में काफी कमी आएगी।

अभी अंतिम नहीं हैं नियम

यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल जारी किए गए नियम ड्राफ्ट स्टेज में हैं। टैक्स प्रोफेशनल्स और उद्योग जगत से मिले सुझावों के आधार पर इनमें बदलाव संभव है।

सरकार की मंजूरी के बाद, ये नियम 1 अप्रैल 2026 से नए इनकम टैक्स एक्ट के साथ लागू होंगे। इसके बाद नए कानून के अनुरूप नए ITR फॉर्म्स भी जल्द जारी होने की उम्मीद है।

टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी सलाह

टैक्सपेयर्स और प्रोफेशनल्स को चाहिए कि वे ड्राफ्ट नियमों को ध्यान से पढ़ें और समय रहते अपनी प्रतिक्रिया दें। इससे नए टैक्स सिस्टम में बदलाव को समझना और अपनाना आसान होगा।

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