वॉशिंगटन पोस्ट के सीईओ विल लुईस का इस्तीफा: बड़े पुनर्गठन के बाद का निर्णय
newzfatafat February 09, 2026 01:42 AM

वॉशिंगटन पोस्ट के पब्लिशर और सीईओ विल लुईस ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। यह कदम अख़बार में हाल ही में हुए ऐतिहासिक पुनर्गठन और बड़े पैमाने पर छंटनी के तीन दिन बाद आया है।


लुईस का संदेश

लुईस ने कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में बताया कि दो वर्षों के बदलाव के बाद अब उनके लिए पद छोड़ने का सही समय है। उनके इस्तीफे के बाद, अख़बार के मुख्य वित्त अधिकारी जेफ डी’ओनोफ्रियो को अस्थायी पब्लिशर के रूप में नियुक्त किया गया है।


कड़े कदम उठाने की आवश्यकता

इस सप्ताह वॉशिंगटन पोस्ट ने लागत में कटौती के लिए कई कठोर कदम उठाए हैं। इनमें 300 से अधिक पत्रकारों की छंटनी, खेल और पुस्तक जैसे कई सेक्शन का बंद होना, और एशिया तथा मध्य पूर्व में कई ब्यूरो का समापन शामिल है। यह निर्णय तब लिया गया जब अख़बार सब्सक्राइबर की कमी और वरिष्ठ पत्रकारों के इस्तीफों से जूझ रहा था।


लुईस का कार्यकाल

विल लुईस ने जनवरी 2024 में पब्लिशर के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले, वह द वॉल स्ट्रीट जर्नल में उच्च पद पर कार्यरत थे। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों और अस्थिरता से भरा रहा है। न्यूजरूम में बार-बार छंटनी और असफल पुनर्गठन योजनाओं ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।


नए कार्यकारी संपादक की नियुक्ति

लुईस द्वारा चुने गए नए कार्यकारी संपादक रॉबर्ट विनेट ने नैतिक सवालों के उठने के बाद खुद को दौड़ से अलग कर लिया था। यह विवाद ब्रिटेन में काम के दौरान जानकारी के बदले भुगतान से जुड़ा था, जिसे अमेरिकी पत्रकारिता में अनैतिक माना जाता है। इसके बाद मैट मरे को कार्यकारी संपादक की जिम्मेदारी सौंपी गई।


कर्मचारियों की प्रतिक्रिया

लुईस की आलोचना उनके तीखे बयानों के लिए भी की गई। एक बैठक में उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि बदलाव आवश्यक हैं क्योंकि उनके काम को पर्याप्त पाठक नहीं मिल रहे। इस टिप्पणी को कई कर्मचारियों ने अपमानजनक और मनोबल गिराने वाला बताया।


यूनियन की प्रतिक्रिया

वॉशिंगटन पोस्ट गिल्ड ने लुईस के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे एक देर से उठाया गया कदम बताया। यूनियन ने कहा कि उनका कार्यकाल एक प्रतिष्ठित अमेरिकी मीडिया संस्थान को कमजोर करने के प्रयास के रूप में याद किया जाएगा। अब मालिक जेफ बेजोस को अख़बार के भविष्य में निवेश पर निर्णय लेना चाहिए।


छंटनी में शामिल चर्चित नाम

इस छंटनी में कई प्रमुख नाम भी शामिल रहे हैं, जैसे कि विदेशी मामलों पर लिखने वाले कॉलमिस्ट ईशान थरूर और दिल्ली ब्यूरो प्रमुख प्रशांत वर्मा। मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि इस स्तर पर कटौती से अख़बार की वैश्विक उपस्थिति और संपादकीय ताकत को गंभीर नुकसान हो सकता है।


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