भारतीय क्रिकेट के नए 'सेंसेशन' रिंकू सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ फिनिशर क्यों माना जा रहा है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले मैच में रिंकू ने उस समय जिम्मेदारी संभाली जब टीम इंडिया को एक बड़े स्कोर की दरकार थी। उन्होंने मात्र 18 गेंदों पर नाबाद 42 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 छक्के और 2 चौके शामिल थे। रिंकू की बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनकी 'कूल' मानसिकता है; चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन हो, वे अपनी ताकत और टाइमिंग पर भरोसा रखते हैं। अंतिम ओवर में उन्होंने विपक्षी गेंदबाज की लाइन-लेंथ बिगाड़ते हुए लगातार दो गेंदों पर दो छक्के जड़कर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद रिंकू की जमकर सराहना की। सूर्या ने कहा, "रिंकू को पता है कि उन्हें खेल को कैसे खत्म करना है। वह टीम के लिए एक अनमोल रत्न हैं।" रिंकू सिंह का औसत और स्ट्राइक रेट टी20 अंतरराष्ट्रीय में लगातार बेहतर होता जा रहा है, जिससे वे भारतीय मध्यक्रम की रीढ़ बन गए हैं। उनकी उपस्थिति से ऊपरी क्रम के बल्लेबाजों को निडर होकर खेलने की आजादी मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि रिंकू की यह फॉर्म भारत को इस वर्ल्ड कप में खिताब की रक्षा करने में मदद करेगी।
कोच गौतम गंभीर भी रिंकू के खेल के प्रति समर्पण से काफी प्रभावित हैं। वानखेड़े की पिच पर, जहाँ गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आ रही थी, रिंकू ने अपने फुटवर्क का बेहतरीन इस्तेमाल किया। मैच के बाद रिंकू ने कहा, "मेरा लक्ष्य सिर्फ टीम को जीत की दहलीज तक पहुँचाना होता है। कप्तानी का भरोसा मुझे निडर बनाता है।" उनकी इस पारी ने आगामी पाकिस्तान मैच से पहले विपक्षी गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा कर दिया है। 28 वर्षीय अलीगढ़ के इस खिलाड़ी ने अपनी मेहनत और निरंतरता से खुद को टीम इंडिया का 'अनिवार्य' हिस्सा बना लिया है। प्रशंसकों को अब उम्मीद है कि रिंकू का यह जादुई बल्ला पूरे टूर्नामेंट में इसी तरह आग उगलता रहेगा और भारत को एक बार फिर विश्व चैंपियन बनाएगा।