बड़े आर्थिक नुकसान के डर से पाकिस्तान ने वापस लिया भारत के साथ न खेलने का फैसला: मदन लाल
Samachar Nama Hindi February 10, 2026 08:43 PM

नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टी20 विश्व कप 2026 में 15 फरवरी को भारत के साथ होने वाले मैच के बहिष्कार के अपने फैसले को वापस ले लिया है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम अब भारत के साथ मैच खेलने को तैयार है। पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने पीसीबी के इस फैसले को मजबूरी में लिया फैसला बताया।

आईएएनएस से बात करते हुए मदन लाल ने कहा, "पाकिस्तान के यूटर्न की संभावना पहले से ही थी। पाकिस्तान अगर भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलती तो उन्हें आर्थिक नुकसान होता। आईसीसी भी उनके खिलाफ सख्त फैसले लेती और भविष्य में उनके लिए मुश्किलें खड़ी होतीं। ऐसे में भारत के साथ मैच खेलने का फैसला उन्होंने अपने हित में लिया है।"

मदन लाल ने कहा कि पाकिस्तान का ये कहना कि उन्होंने बांग्लादेश और श्रीलंका के कहने पर भारत के साथ खेलने का फैसला लिया है, गलत है। क्या उनके पास अपना दिमाग नहीं है? उन्होंने पहले गलत फैसला लिया था जिसे अब सुधारा है। आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कोई बात नहीं मानी है। भारतीय टीम पाकिस्तान के साथ खेलेगी या नहीं, यह फैसला बीसीसीआई लेगी, न की आईसीसी।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था खराब है। वे क्रिकेट को कैसे चलाएंगे? भारत के साथ मैच न खेलने पर बीसीसीआई या आईसीसी को जितना नुकसान नहीं होता उतना पाकिस्तान को होता। इसलिए उन्होंने भारत के साथ न खेलने का अपना निर्णय वापस ले लिया है।

भारत-पाकिस्तान मैच पर उन्होंने कहा, "दोनों टीमों के बीच जब भी मैच होता है, तो उत्साह ज्यादा होता है। टी20 मैच के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। मुझे लगता है पाकिस्तान पर दबाव ज्यादा होगा।"

पूर्व क्रिकेटर और कालीघट क्लब के कोच हिरक सेनगुप्ता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "पाकिस्तान को आईसीसी के साथ विवाद नहीं करना चाहिए था। विश्व कप आईसीसी का इवेंट है, बीसीसीआई का नहीं। भारत क्रिकेट में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। ऐसे में पाकिस्तान को मैच भारत के साथ मैच खेलने का फैसला लेना ही था।"

उन्होंने कहा, भारतीय टीम जिस तरह खेल रही है, खासकर बल्लेबाज जैसा प्रदर्शन कर रहे हैं, उसे देखते हुए पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ेगा और यह पाकिस्तान के लिए एक 'थप्पड़' की तरह होगा।

क्रिकेट कोच मानिक घोष ने कहा, "भारत-पाकिस्तान मैच बहुत अहम होता है। इस मैच से आईसीसी को बड़े राजस्व की प्राप्ति होती है। मैच न होने की स्थिति में पाकिस्तान को बड़ा नुकसान होता। इसी डर से उसने भारत के साथ मैच बहिष्कार के फैसले को वापस ले लिया है। पाकिस्तान की स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए उसे अपना फैसला वापस लेना ही था। क्रिकेट के लिए यह फैसला अच्छा है।"

उन्होंने कहा, "भारत में कुछ लोग पाकिस्तान के साथ खेलने का विरोध कर रहे हैं। मैच के बाद भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाते। यह संकेत इस बात को स्पष्ट करने के लिए काफी है कि भारतीय टीम पाकिस्तान को नजरअंदाज करती है।"

--आईएएनएस

पीएके

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.