लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में भाषण के दौरान सरकार पर जमकर हमला बोला. लेकिन इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसे शब्द भी बोले, जिन्हें रिकॉर्डस से निकाल दिया गया. राहुल गांधी लोकसभा भाषण के कई हिस्सों पर सरकार की कैंची चली है. इनमें कई शब्द ऐसे हैं जो राहुल गांधी सरकार को घेरने के लिए अक्सर इस्तेमाल करते रहे हैं.
लोकसभा में बुधवार को राहुल गांधी का भाषण मोदी सरकार के खिलाफ सबसे बड़े हमले में से एक माना जा रहा है. इस भाषण में राहुल ने केवल भारत-यूएस व्यापार समझौते को बेचना कहा, बल्कि कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसे बाद में रिकॉर्ड से हटाया गया.
राहुल ने अपने भाषण के दौरान कहीं भी ठहरते नहीं दिखे. उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का विरोध करते रहेंगे. सरकार को इसका जवाब देना चाहिए. वह सवालों से बच नहीं सकती है.
ये शब्द रिकॉर्ड से हटाए गएभारत की तेल ख़रीद पर अब अमेरिकी निगरानी क्यों होगी?
भारत किससे तेल खरीदेगा, किससे नहीं – यह हमारी ज़रूरतें तय करेंगी या अमेरिका की मर्ज़ी?
भारत को मुनाफे का व्यापार करने पर रोक लगाने की हिम्मत अमेरिका को किसने दी?
प्रधानमंत्री जी, भारत का हित और स्वाभिमान बेचते वक़्त ज़रा भी pic.twitter.com/DTj0ryLSyn
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi)
भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अब अमेरिका तय करेगा कि हम कहां से तेल खरीदें. तो हमारे प्रधानमंत्री क्या करेंगे? उन्होंने इस समझौते को लेकर सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए. साथ ही पीएम मोदी को लेकर कटाक्ष भी किया.
IndiaUS Trade Deal ने 140 करोड़ भारतीयों का भविष्य गिरवी रख दिया।
युवाओं के रोज़गार दांव पर,
किसानों की फसल समझौते की मेज़ पर,
और ऊर्जा सुरक्षा विदेशी शर्तों पर!कोई PM बिना भारी दबाव के ऐसे घुटने नहीं टेकता। भारत समझता है – यह समझौता बराबरी का नहीं, मजबूरी का है।
Epstein pic.twitter.com/8wzzQCa6nS
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi)
भाषण के दौरान राहुल ने एपस्टीन फाइल्स का भी जिक्र भी किया. इस दौरान उन्होंने इशारों-इशारों में कई लोगों पर तंज कसा.