सिर्फ चार जिलों की सेना है मुनीर आर्मी, पाकिस्तानी संसद में पेश किए गए सबूत
TV9 Bharatvarsh February 12, 2026 05:43 PM

पाकिस्तान में सेना के स्ट्रक्चर और दबदबे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पाकिस्तान नेशनल असेंबली में नेता प्रतिपक्ष महमदू खान अचकचई ने मुनीर आर्मी को 4 जिलों की सेना बताई है. अचकचई के मुताबिक पाकिस्तान आर्मी में सिर्फ 4 जिलों का दबदबा है. इन्हीं जिलों के लोगों के पास सेना की कमान है. यही लोग सत्ता को नियंत्रित करते हैं. अचकचई के मुताबिक बलूचिस्तान और खैबर में जो बवाल हो रहा है, उसका मुख्य कारण सैन्य स्ट्रक्चर है. उन्होंने कहा कि इसमें बदलाव किए बिना पाकिस्तान में शांति स्थापित नहीं की जा सकती है.

डॉन अखबार के मुताबिक महमूद खान अचकचई ने यह बयान संसद की एक रिपोर्ट के संदर्भ में दी है, जिसमें क्षेत्रवार यह बताया गया है कि पाकिस्तान सेना में कहां से कितने सैनिक हैं?

पाक आर्मी में पंजाब का दबदबा

अखबार के मुताबिक पाकिस्तान सेना में पंजाब प्रांत का दबदबा है. सेना के आधे से ज्यादा जवान पंजाब प्रांत के हैं. संख्या के हिसाब से देखा जाए तो पाक आर्मी के भीतर पंजाब प्रांत से 52 प्रतिशत, सिंध से 20.52 प्रतिशत, खैबर पख्तूनख्वा से 16.28 प्रतिशत, बलूचिस्तान से 6.04 प्रतिशत और पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान से 2.54 प्रतिशत जवान हैं. पाक सेना में 3.52 प्रतिशत जवान हिंदू या अल्पसंख्यक समुदाय से हैं.

पाकिस्तान सेना में रावलपिंडी, झेलम, अटक और सुकुर जिले का दबदबा है. आधे से ज्यादा सैनिक इन्हीं जिलों से आते हैं. पाकिस्तान सेना के चीफ आसिम मुनीर (रावलपिंडी), मिलिट्री इंटेलिजेंस हेड वाजिद अजीज (रावलपिंडी) के ही रहने वाले हैं.

डिफेंस मोड में सेना और सरकार

इस आंकड़े के सामने आने के बाद पाकिस्तान की सरकार और सेना डिफेंस मोड में है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का कहना है कि सबसे ज्यादा कुर्बानियां पंजाब के सैनिकों ने ही दी है. पाकिस्तान के इतिहास में उसे नहीं भूला जा सकता है. वहीं सेना ने बयान जारी कर इसे खेदजनक बताया है. सेना का कहना है कि हम क्षेत्र को ध्यान में रखकर भर्ती नहीं करते हैं.

आंकड़ों पर क्यों उठ रहे सवाल?

बलूचिस्तान क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है. बलूचिस्तान की आबादी करी 1.5 करोड़ है. इसी तरह खैबर पख्तूनख्वाह भी एक बड़ा प्रांत है, जिसकी आबादी 4 करोड़ है. राजधानी इस्लामाबाद की आबादी 1 करोड़ के आसपास है, लेकिन यहां के लोगों को भी सेना में ज्यादा जगह नहीं मिलती है. सवाल उठने की 3 बड़ी वजहें हैं-

1. पाकिस्तान में सेना का दबदबा है. सरकार को भी सेना ही कंट्रोल करती है. सेना के पास पाकिस्तान में सभी पावर हैं.

2. बलूचिस्तान और खैबर प्रांत में सेना के खिलाफ विद्रोह की स्थिति है. इसे सेना चाहकर भी कंट्रोल नहीं कर पा रही है.

3. पाकिस्तान की सेना आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर मनमाने तरीके से खैबर और बलूचिस्तान में अपना ऑपरेशन चला रही है.

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