टी20 वर्ल्ड कप 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन इंग्लैंड की राह उम्मीद के मुताबिक आसान नहीं रही है। 11 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए एक महत्वपूर्ण मुकाबले में वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 30 रनों से हराकर ग्रुप-C के समीकरणों को रोमांचक बना दिया है। कप्तान हैरी ब्रूक की अगुवाई वाली टीम 197 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए महज 166 रनों पर सिमट गई। इस हार ने इंग्लैंड के नेट रन रेट (NRR) को भी काफी प्रभावित किया है, जिससे उनके सुपर-8 में पहुँचने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है।
इंग्लैंड की शुरुआत टूर्नामेंट में नेपाल के खिलाफ एक करीबी जीत के साथ हुई थी, लेकिन वेस्टइंडीज के स्पिनरों, विशेषकर गुडाकेश मोती और रोस्टन चेज के खिलाफ इंग्लिश बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। सैम करन की नाबाद 43 रनों की पारी के बावजूद टीम लय हासिल नहीं कर सकी। जोस बटलर और फिल साल्ट जैसे विष्फोटक सलामी बल्लेबाजों का जल्दी आउट होना हार का मुख्य कारण बना। वर्तमान में इंग्लैंड ग्रुप में तीसरे स्थान पर है, जबकि वेस्टइंडीज दो जीत के साथ शीर्ष पर काबिज है।
अब इंग्लैंड के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्हें अपने अगले दो मुकाबले स्कॉटलैंड (14 फरवरी) और इटली के खिलाफ न केवल जीतने होंगे, बल्कि अपने नेट रन रेट को सुधारने के लिए बड़ी जीत हासिल करनी होगी। यदि स्कॉटलैंड अपने अगले मैच में कोई उलटफेर करता है, तो इंग्लैंड टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो सकता है। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और आदिल राशिद ने नेपाल के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन वेस्टइंडीज के पावर-हिटर्स ने उनकी लाइन-लेंथ बिगाड़ दी। कोच ब्रेंडन मैकुलम और कप्तान ब्रूक के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती टीम में आत्मविश्वास वापस लाना और मध्यक्रम की अस्थिरता को दूर करना है। प्रशंसकों की नजरें अब 14 फरवरी के मुकाबले पर टिकी हैं, जो इंग्लैंड का भविष्य तय करेगा।