UNSC रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी गतिविधियों से संबंध उजागर
newzfatafat February 14, 2026 09:42 AM
जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) द्वारा जारी एक रिपोर्ट ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को और स्पष्ट करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले वर्ष दिल्ली में हुए एक गंभीर हमले का सीधा संबंध जैश-ए-मोहम्मद से है।


संयुक्त राष्ट्र की 'विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी टीम' द्वारा प्रस्तुत 37वीं रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 9 नवंबर 2025 को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के निकट हुए कार बम विस्फोट में जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता थी। इस आत्मघाती हमले में 15 निर्दोष नागरिकों की जान गई और कई अन्य घायल हुए।


रिपोर्ट में एक सदस्य देश द्वारा पुष्टि की गई है कि जैश-ए-मोहम्मद न केवल इस हमले में शामिल था, बल्कि उसने कई अन्य आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी भी ली है।


जैश-ए-मोहम्मद की अन्य गतिविधियाँ

विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी दल द्वारा 'इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवांत' (आईएसआईएल) और अल-कायदा से संबंधित सुरक्षा परिषद 1267 प्रतिबंध समिति को दी गई 37वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि एक सदस्य देश ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है।


रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद का संबंध 9 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए हमले से है, जिसमें 15 लोग मारे गए थे।


इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल 8 अक्टूबर को जैश-ए-मोहम्मद के नेता मोहम्मद मसूद अजहर अल्वी ने 'महिलाओं की एक विशेष शाखा जमात उल-मुमिनात' की स्थापना की औपचारिक घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य आतंकवादी हमलों का समर्थन करना है।


हालांकि, एक अन्य सदस्य देश ने जैश-ए-मोहम्मद के निष्क्रिय होने की सूचना दी है, जबकि यह भी बताया गया कि 28 जुलाई को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में कथित तौर पर शामिल तीन व्यक्ति मारे गए।


विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में लगभग 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में एक साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यूएनएससी रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'आप जिस विशेष रिपोर्ट का जिक्र कर रहे हैं, वह सार्वजनिक है। यह ऑनलाइन उपलब्ध है। यह विश्लेषणात्मक सहायता एवं प्रतिबंध निगरानी दल की 37वीं रिपोर्ट है।'


प्रवक्ता ने आगे कहा, 'हमने देखा है कि उन्होंने सीमा-पार आतंकवाद पर हमारी चिंताओं के संबंध में और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को कैसे मजबूत किया जा सकता है, इस बारे में भारत द्वारा दी गई जानकारी को शामिल किया है।'


यूएनएससी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 'अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (एक्यूआईएस) दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में सक्रिय है, जहां हक्कानी नेटवर्क का प्रभाव है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि आईएसआईएल-के मुख्य रूप से उत्तरी अफगानिस्तान में, विशेषकर बदख्शान में और पाकिस्तान सीमा के निकट के क्षेत्रों में सक्रिय है।


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