बांग्लादेश में 13वां आम चुनाव जीतने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने एक बार फिर देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर बड़ा बयान दिया है. BNP के वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रमुख तारिक रहमान के करीबी मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शनिवार (14 फरवरी, 2026) को कहा कि उनकी पार्टी को इस बात की उम्मीद है कि भारत पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश को सौंप देगा. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया यह मामला भारत और बांग्लादेश के संबंधों में कोई बाधा नहीं बनेगी.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा मामला कानूनी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार ही आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश पहले ही भारत से हसीना को वापस भेजने का अनुरोध कर चुका है. यह पूरी प्रक्रिया नियमों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पूरी की जाएगी.’
बांग्लादेश की ट्रिब्यूनल ने हसीना को सुनाई है सजा
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अगस्त 2024 में देश में बड़े पैमाने पर हुए जनआंदोलन के बाद सत्ता और देश छोड़कर भारत में रह रही हैं. इसके बाद पिछले साल नवंबर महीने में बांग्लादेश के एक विशेष ट्रिब्यूनल ने 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हिंसक कार्रवाई से जुड़े मानवता के विरुद्ध अपराध के एक मामले में उन्हें गैर-हाजिर रहते हुए मौत की सजा सुनाई थी.
दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि मौजूदः फखरुल
फखरुल से जब इंडिया टुडे के इंटरव्यू में पूछा गया कि सत्ता में आने पर क्या बीएनपी आधिकारिक तौर पर उनके प्रत्यर्पण की मांग करेगी, तो इस पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पहले से प्रत्यर्पण संधि मौजूद है और अगर जरूरत हुई तो उसी के तहत कदम उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम चाहेंगे कि उन्हें वापस भेजा जाए.
वहीं, भारत और बांग्लादेश के संबंधों पर संभावित रूप से असर पड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों में बाधा नहीं बनेगा. भारत ने यह कभी नहीं कहा है कि वह शेख हसीना को वापस नहीं भेजेगा और आगे का फैसला उस समय की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि समय ही सबसे बड़ा समाधान है.