बदायूं में गूगल मैप के सहारे चलाई थी कार… पुल से गिरकर 3 युवकों की मौत के मामले में इंजीनियरों पर क्या लगे आरोप?
TV9 Bharatvarsh March 10, 2026 03:44 PM

उत्तर प्रदेश में बदायूं-बरेली सीमा पर रामगंगा नदी के अधूरे पुल से कार गिरने से तीन युवकों की मौत के मामले में पुलिस जांच में बड़ा फैसला सामने आया है. जांच के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तीन इंजीनियरों को क्लीनचिट दे दी गई है, जबकि एक अभियंता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है.

यह दर्दनाक हादसा 24 नवंबर 2024 को दातागंज क्षेत्र में रामगंगा नदी पर बने अधूरे पुल पर हुआ था. कार में सवार तीन युवक गुगल मैप की मदद से रास्ता तय करते हुए पुल पर पहुंच गए, लेकिन पुल का हिस्सा अधूरा होने और मौके पर पर्याप्त बैरियर या चेतावनी बोर्ड न होने के कारण कार सीधे पुल से नीचे गिर गई. हादसे में तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी.

हादसे में इन युवकों की हुई थी मौत

इस हादसे में जिन तीन युवकों की मौत हुई थी, उनकी पहचान अमित कुमार निवासी मैनपुरी, विवेक कुमार निवासी फर्रुखाबाद, अजीत कुमार निवासी फर्रुखाबाद के रूप में हुई थी. तीनों युवक कार से यात्रा कर रहे थे और एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे.

हादसे के बाद दातागंज थाने में लोक निर्माण विभाग के चार इंजीनियरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. इनमें दो सहायक अभियंता और दो जूनियर इंजीनियर शामिल थे. सहायक अभियंता मो. आरिफ, अभिषेक कुमार सहायक अभियंता और अजय गंगवार, महाराज सिंह का नाम शामिल था जोकि जूनियर इंजीनियर के रूप में काम कर रहे थे.

जांच में सामने आई यह बात

पुलिस जांच में चारों इंजीनियरों की भूमिका की जांच की गई. जांच के दौरान तीन इंजीनियरों की लापरवाही स्पष्ट नहीं पाई गई, जिसके चलते उन्हें क्लीनचिट दे दी गई. वहीं एक अभियंता की जिम्मेदारी तय होने के बाद उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

इस हादसे के बाद अधूरे पुलों पर सुरक्षा व्यवस्था, बैरियर और चेतावनी बोर्ड न होने को लेकर प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे. इसके बाद प्रशासन ने अधूरे पुलों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिए थे.

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