दिल्ली में 2020 में हुए दंगों का आरोपी शरजील इमाम करीब 6 साल के लंबे अंतराल के बाद जेल की सलाखों से बाहर आ गया है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने इमाम को मानवीय आधार पर 10 दिनों की अंतरिम जमानत दी है। शरजील शुक्रवार को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तिहाड़ जेल से बाहर आया। हालांकि शरजील ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।
करना होगा जेल में सरेंडरशरजील को 30 मार्च को जमानत अवधि समाप्त होने पर दोबारा जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। कोर्ट ने शरजील को उसके भाई की शादी में शामिल होने के लिए यह राहत दी है। आरोपी के भाई का निकाह 25 मार्च को है। हालांकि, 10 दिन की यह आजादी पूरी तरह शर्तों के साथ मिली है। अदालत ने कहा है कि इस अवधि के दौरान इमाम अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और दोस्तों के अलावा किसी से नहीं मिलेगा। इस दौरान वह सोशल मीडिया का उपयोग भी नहीं कर पाएगा।
50000 रुपए का निजी मुचलकाइमाम ने अपनी याचिका में अपने भाई के विवाह समारोह में शामिल होने और ईद के त्योहार के दौरान परिवार के साथ समय बिताने के लिए छह सप्ताह की राहत की मांग की थी। कोर्ट ने इमाम को 50000 रुपए का निजी मुचलका और इतनी ही राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया।
शरजील इमाम समेत सभी सात अभियुक्तों पर साल 2019 में सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) विरोध प्रदर्शनों की आड़ में 2020 में दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala