संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. वर्ल्ड कप में सिर्फ 5 मैच खेलने वाले संजू को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ प्लेयर चुना गया. सांसद शशि थरूर उनकी सफलता से खुश खुश हैं, उन्होंने बताया कि एक बार गौतम गंभीर ने उनसे कहा था कि संजू को अगला एमएस धोनी बनने की जरुरत नहीं है, क्योंकि वह एकमात्र संजू रहेंगे. पीटीआई के साथ बातचीत में शशि थरूर ने बताया कि वह 2009 में संजू से पहली बार मिले थे, जिन्होंने संजू से ही कहा था कि वह अगले धोनी बनेंगे.
शशि थरूर ने बताया, 'मैं संजू सैमसन से तब मिला था जब वह 14 साल के थे, तब वह युवा क्लब क्रिकेटर थे. एक छोटा सा बच्चा, जिसकी हंसी बड़ी थी. वह देखने में पतले थे, लेकिन मजबूत थे. उनमें टैलेंट था, तब से वह बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग, दोनों कर रहे हैं.' उन्होंने बताया कि मैंने उनसे बड़े भाई वाले अंदाज में कहा था कि वह अगले एमएस धोनी बनेंगे.
उन्होंने बताया कि, "जब मैंने उस बात को सालों बाद याद किया तो मेरे दोस्त गौतम गंभीर ने मुझसे कहा, 'नहीं, नहीं, उन्हें अगला धोनी बनने की जरुरत नहीं, वह एकमात्र संजू बनेंगे.' वह वैसे ही बने हुए हैं." संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सिर्फ 5 मैच खेलने के बाद तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे, उन्होंने 5 मैचों में 321 रन बनाए थे. वह भारत के लीडिंग रन स्कोरर रहे, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया.
शशि थरूर ने संजू सैमसन द्वारा टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई महत्वपूर्ण पारी को लेकर कहा, "वेस्टइंडीज के खिलाफ जैसे ही उन्होंने खेलना शुरू किया, उनकी आंखों में देखकर मैंने तभी कह दिया था कि यह लड़का आज आउट नहीं होने वाला है. आप उसकी आंखों में देख सकते थे, उसके चेहरे पर शांति देख सकते थे. फिर संजू ने 97 रन बनाए और नॉट आउट रहे."
संजू सैमसन ने इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 89-89 रनों की शानदार पारी खेली. उन पारियों का जिक्र करते हुए शशि थरूर ने कहा, "उन दोनों मैचों में उन्होंने निस्वार्थ भाव से खेलते हुए अपना विकेट गंवा दिया, नहीं तो वह अपना शतक पूरा करने के लिए संभलकर खेल सकते थे. उसने बड़े शॉट ही मारने का प्रयास किया, क्योंकि उसे लगा कि टीम को रनों की जरुरत है."
शशि थरूर ने कहा कि कई बार संजू सैमसन के साथ नाइंसाफी हुई. हालांकि उन्होंने माना कि कई बार उन्हें टीम से बाहर करने का फैसला सही भी था, क्योंकि वह प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने कहा कि कई बार उनकी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया.