दूसरी वरीयता प्राप्त हाना मोआताज ने धीमी शुरुआत से उबरते हुए हमवतन तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी नादीन एलहम्ममी को 3-1 (11-8, 5-11, 11-5, 11-7) से मात दी। पहला गेम काफी कड़ा और उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें बढ़त लगातार बताई रही, लेकिन आखिर में मोआताज ने बाजी मारते हुए गेम 11-8 से अपना नाम कर लिया।
दूसरे गेम की शुरुआत भी पहले गेम जैसी ही रही, लेकिन बीच में नादीन ने लय पकड़ ली, जिन्होंने 7-5 से बढ़त बनाते हुए गेम 11-5 से अपने नाम किया और मुकाबला को 1-1 से बराबर कर दिया। हालांकि, तीसरे गेम में मोआताज ने अपनी बढ़त बढ़ाई और पूरी तरह से हावी रहते हुए गेम 11-5 से जीत लिया। उन्होंने चौथे गेम में भी उसी लय बनाए रखते हुए अच्छी-खासी बढ़त हासिल कर ली। नादीन ने वापसी की कोशिश की, लेकिन मोआताज ने संयम बनाए रखते हुए गेम 11-7 से जीतकर मैच अपना नाम कर लिया। पुरुषों के सेमीफाइनल में, अभय सिंह ने मलेशिया के अमीशेनराज चंद्रन की कड़ी चुनौती का सामना करते हुए 3-1 (11-9, 9-11, 11-3, 11-8) से जीत दर्ज की।
गैर वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चंद्रन ने मुकाबला के ज्यादातर हिस्से में अभय को कड़ी टक्कर दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच जोरदार फोरहैंड और बेहतरीन एंगल के साथ एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। अभय ने जोरदार शुरुआत करते हुए पहले गेम में 9-4 की बढ़त बना ली थी, लेकिन चंद्रन ने लगातार पांच अंक हासिल करते हुए जोरदार वापसी की और उलटफेर की धमकी पैदा कर दी। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी ने अपना संयम बनाए रखा और गेम 11-9 से जीत लिया। दूसरा गेम शुरू से आखिर तक पूरी तरह से बराबरी पर रहा। 8-9 से पीछे चल रहे चंद्रन ने सही समय पर अपनी लय पकड़ी और लगातार तीन अंक हासिल करते हुए गेम 11-9 से जीत लिया और मुकाबले को 1-1 से बराबर कर दिया।
तीसरे गेम में अभय ने जोरदार वापसी करते हुए आसानी से 11-3 से जीत दर्ज की। चौथा गेम एक और परीक्षा साबित हुआ, क्योंकि एक समय वह 2-6 से पीछे चल रहे थे, लेकिन फिर उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 7-7 से बराबर किया और अंततः 11-8 से मैच जीतकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।