Chilkur Balaji Temple: भारत मंदिरों का देश का देश है. यहां कई अनोखे और रहस्यमयी मंदिर हैं. आज हम आपको ऐसे ही एक अनोखे मंदिर के बारे में बताने जिसे ‘वीजा मंदिर’ कहा जाता है. माना जाता है कि इस मंदिर में दर्शन करने से वीजा संबंधी परेशनानियां दूर हो जाती हैं. यहीं कारण है कि इस मंदिर को ये नाम दिया गया है, तो आइए विस्तार से इस मंदिर के बारे में जानते हैं कि ये कहां है और इस मंदिर का असली नाम क्या है?
हम जिस मंदिर की बात रहे हैं, उसका नाम चिलकुर बालाजी मंदिर है. ये मंदिर तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के एक छोटे से गांव चिलकुर में उस्मान सागर झील और विकाराबाद रोड के पास स्थित है. ये भगवान वेंकटेश्वर का पवित्र धाम है. मान्यता है कि जो भी भक्त मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करता है, भगवान उसकी वीजा के जुड़ी सभी परेशानियों को दूर कर देते हैं. चाहे वीजा पढ़ाई के लिए, नौकरी के लिए या घूमने के लिए हो.
मंदिर से जुड़ी पौराणिक कहानीएक पौराणिक कथा के अनुसार, इस मंदिर की कहानी 16वीं या 17वीं शताब्दी से जुड़ी है. बताया जाता है कि भगवान तिरुपति बालाजी का एक सच्चा भक्त दर्शन और पूजन के लिए मंदिर न जा सका. तब भगवान ने अपने भक्त की ऐसी स्थिति पर दया करके तुरंत ही उसको दर्शन दे दिए. कहा जाता है कि भगवान ने जिस जगह अपने भक्त को दर्शन दिए थे, वहीं चिलकुर बालाजी का मंदिर बना है.
भक्तों की बड़ी है आस्थाइस मंदिर को लेकर भक्तों की बड़ी आस्था है. ऐसी मान्यताएं हैं कि यहां दर्शन करने मात्र से वीजा से जुड़ी परेशानियांं खत्म हो जाती हैं. इस बारे में कई लोगों ने अपने अनुभव भी शेयर किए हैं. कई लोगों ने बताया है कि उनको वीजा मिलने में दिक्कत आ रही थी, लेकिन इस मंदिर में दर्शन करने के बाद वीजा मंजूर हो गया. तभी से इस मंदिर को ‘वीजा मंदिर’ कहा जाता है.
मान्यता है कि मंदिर में वीजा से जुड़ी मनोकामना लेकर आने वाले भक्त अपने हाथ में कागज और पेन रखकर मंदिर के गर्भगृह की चारों ओर 11 परिक्रमा करते हैं. फिर मनोकामना पूरी होने के बाद दोबारा दर्शन करते समय 108 परिक्रमा करते हैं.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.