दर्जी हमेशा सुई टोपी में और कैंचीˈ पैरों में रखता था बेटे ने वजह पूछी तो मिला शानदार जवाबˌ
Himachali Khabar Hindi March 23, 2026 09:42 AM

इंसान में अच्छाई और बुराई दोनों होती है। लेकिन कुछ लोग सामने वाले में सिर्फ बुराई देखते हैं। वे उसकी बुराई समाज में अन्य लोगों को बताकर नफरत फैलाते हैं। उन्हें एक दूसरे के खिलाफ खड़ा कर देते हैं। इससे समाज बंटने लगता है। जबकि होना ये चाहिए कि हमे लोगों की अच्छाई को दूसरों के साथ साझा कर उन्हें जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए। समाज को बांटने वालों को कोई पसंद नहीं करता है। वे अक्सर पीछे रह जाते हैं।

दर्जी के बेटे को मिला जिंदगी का अहम ज्ञान

एक बार की बात है। एक शहर में बड़ा फेमस दर्जी रहता था। उसके यहां कपड़े सिलवाने वालों की भीड़ लगी रहती थी। दर्जी का एक बेटा भी था। एक दिन स्कूल की छुट्टी थी, तो वह पिता की दुकान चला गया। यहां उसने काम करते पिता की एक अनोखी बात नोटिस की। उसने देखा कि पापा कैंची से कपड़ा काटने के बाद उसे पैर के पास दबा लेते हैं, जबकि सुई से कपड़े सिलने के बाद उसे टोपी में लगा लेते हैं।

पापा की इस आदत से बेटे के मन में जिज्ञासा उत्पन्न हुई। उसने बड़े प्यार से पूछा “पापा मैं कब से देख रहा हूं, आप जब कपड़ा काटते हो तो कैंची पैर के नीचे दबा लेते हो, लेकिन सुई से कपड़ा सिलने के बाद उसे टोपी में लगा लेते हो। ऐसा क्यों?” इस पर पिता मुस्कुराए और बोले “इसके पीछे एक बड़ा रहस्य है। ये राज तुम्हारी लाइफ बदल सकता है। क्या तुम सुनना चाहोगे?” बेटे ने उत्साहित होकर कहा “हां, हां। जरूर। बताइए ना।”

पिता बोले “बेटा देखों, ये कैंची सिर्फ काटने का काम करती है। जबकि सुई जोड़ने का कार्य करती है। काटने वालों का स्थान हमेशा नीचे ही होता है। वहीं जोड़ने वाले को सम्मान के साथ हमेशा ऊपर रखा जाता है। बस यही वजह है कि मैं सुई को टोपी पर जबकि कैंची को पैरों के नीचे रखता हूं।” पिता की ये बातें सुन बच्चे को जिंदगी का अहम सबक मिल गया।

कहानी की सीख

समाज और लोगों को जोड़ने वाले लोगों को हमेशा सम्मान मिलता है। उनका स्थान अक्सर ऊपर होता है। वहीं समाज को बांटने वालों या लोगों को तोड़ने वालों की इज्जत नहीं होती है। इसलिए उन्हें लोग समाज में निचला स्थान देते हैं। उनकी इज्जत नहीं करते हैं। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। इसलिए हमे हमेशा अपने व्यवहार से लोगों को एक करने की कोशिश करनी चाहिए।

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