Maa Katyayani Aarti: चैत्र मास की नवरात्रि का पावन चल रहा है. नवरात्रि के पर्व का समापन 27 मार्च को होगा. नवरात्रि का पर्व माता दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित किया गया है. नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ रूपों का विधि-विधान से पूजन किया जाता है. नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ रूपों का दर्शन और पूजन अत्यंत ही शुभ और मंगलदायी माना गया है. आज नवरात्रि का छठवां दिन है.
हिंदू मान्यता के अनुसार, माता दुर्गा महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न हुईं थीं और उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था. महर्षि कात्यायन के यहां जन्म लेने की वजह से मां का नाम कात्यायनी पड़ा. धार्मिक मान्यता है कि मां कात्यायनी का विधि-विधान से पूजन करने पर धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष सभी फलों की प्राप्ति होती है. घर में खुशहाली रहती है, लेकिन मां कात्यायनी की पूजा विधि-विधान से आरती के बिना पूरी नहीं होती. ऐसे में आज मां कात्यायनी की पूजा के समय आरती अवश्य पढ़ें.
मां कात्यायनी की आरती | Maa Katyayani Ki Aartiजय जय अम्बे जय कात्यायनी.
जय जगमाता जग की महारानी.
बैजनाथ स्थान तुम्हारा.
वहां वरदाती नाम पुकारा.
कई नाम हैं कई धाम हैं.
यह स्थान भी तो सुखधाम है.
हर मन्दिर में ज्योत तुम्हारी.
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी.
हर जगह उत्सव होते रहते.
हर मन्दिर में भगत हैं कहते.
कात्यायनी रक्षक काया की.
ग्रंथि काटे मोह माया की.
झूठे मोह से छुडाने वाली.
अपना नाम जपाने वाली.
बृहस्पतिवार को पूजा करिए.
ध्यान कात्यायनी का धरिये.
हर संकट को दूर करेगी.
भंडारे भरपूर करेगी.
जो भी मां को भक्त पुकारे.
कात्यायनी सब कष्ट निवारे.
कंचनाभा वराभयं पद्मधरा मुकटोज्जवलां।
स्मेरमुखीं शिवपत्नी कात्यायनेसुते नमोअस्तुते॥
पटाम्बर परिधानां नानालंकार भूषितां।
सिंहस्थितां पदमहस्तां कात्यायनसुते नमोअस्तुते॥
परमांवदमयी देवि परब्रह्म परमात्मा।
परमशक्ति, परमभक्ति,कात्यायनसुते नमोअस्तुते॥
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.