अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट समेत कई इलाकों में दिन भर वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। कुछ पंपों पर स्टॉक खत्म होने से अस्थायी बंदी हुई, जिसने अन्य जगहों पर भी भीड़ बढ़ा दी। सूत्रों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में अफवाहें तेजी से फैलीं, जिससे लोग भविष्य की आशंका में ज्यादा ईंधन खरीदने लगे।
क्या कहा डिप्टी सीएम संघवी नेगुजरात के उपमुख्यमंत्री और गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि सरकार सभी पंपों पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ईंधन की कोई कमी नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार आपूर्ति पर नजर रख रही हैं। अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक कतारें न लगाएं। फेडरेशन ऑफ गुजरात पेट्रोल-डीजल डीलर एसोसिएशन के सचिव धीमंत घेलानी ने बताया कि वास्तव में कोई कमी नहीं है। यह व्यवधान छुट्टियों के कारण उत्पन्न अस्थायी आपूर्ति श्रृंखला की समस्या है। हमने इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन के साथ मामला उठाया है। अगले कुछ दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। हालांकि सूरत और राजकोट में शुरुआती संकेत मिले थे, जहां कुछ पंपों पर आपूर्ति में देरी हुई।
राजकोट में करीब सात IOC पंप प्रभावित हुए। सूरत तापी जिला पेट्रोलियम एसोसिएशन के संयुक्त सचिव अनिल देसाई ने थोक आपूर्ति में बदलाव की बात कही, लेकिन डीलर्स ने जोर दिया कि कुल स्टॉक पर्याप्त है। हाल ही में थोक डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी (लगभग 12-22 रुपए प्रति लीटर) ने कुछ औद्योगिक खरीदारों को रिटेल पंपों की ओर मोड़ दिया, जिससे दबाव बढ़ा। फिर भी, रिटेल उपभोक्ताओं के लिए सामान्य पेट्रोल-डीजल उपलब्ध रहा।
सरकार की अपीलअफवाहों पर भरोसा न करें। जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं करें। राज्य में पर्याप्त बफर स्टॉक है। डीलर्स एसोसिएशन ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी, क्योंकि तेल कंपनियां लगातार सप्लाई बढ़ा रही हैं। गुजरात में पेट्रोल-डीजल का कोई संकट नहीं है। सोशल मीडिया की अफवाहों और पैनिक बाइंग से अस्थायी असुविधा हुई। आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें और अनावश्यक चिंता से बचें। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही सब सामान्य हो जाएगा।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala