Copper Vs Aluminium Induction: इंडक्शन चूल्हा दिखने में भले साधारण लगे लेकिन इसकी असली ताकत अंदर लगी कॉइल में छिपी होती है. यही कॉइल बिजली को मैग्नेटिक फील्ड में बदलकर बर्तन को गर्म करती है. कॉइल की क्वालिटी जितनी बेहतर होगी, उतनी ही तेजी, सेफ्टी और टिकाऊपन मिलेगा.
कॉपर यानी तांबे की कॉइल को सबसे बेहतर माना जाता है. इसकी खासियत है कि यह बिजली को बहुत अच्छे से कंडक्ट करती है जिससे हीटिंग तेज और स्थिर होती है. कॉपर कॉइल वाले इंडक्शन चूल्हे जल्दी गर्म होते हैं और लंबे समय तक बिना ओवरहीट हुए काम कर सकते हैं. यही वजह है कि ये थोड़े महंगे जरूर होते हैं लेकिन लंबे समय में ज्यादा भरोसेमंद साबित होते हैं.
अगर आपका बजट सीमित है तो एल्युमिनियम कॉइल वाला इंडक्शन भी एक विकल्प हो सकता है. यह कॉपर के मुकाबले सस्ता होता है लेकिन इसकी कंडक्टिविटी थोड़ी कम होती है. इसका असर यह होता है कि हीटिंग थोड़ी धीमी होती है और लंबे इस्तेमाल में यह जल्दी गर्म होकर परफॉर्मेंस गिरा सकता है.
जब बात आती है लंबे समय तक चलने की, तो कॉपर कॉइल साफ तौर पर आगे निकल जाती है. यह ज्यादा मजबूत होती है और बार-बार इस्तेमाल में भी जल्दी खराब नहीं होती. वहीं एल्युमिनियम कॉइल समय के साथ अपनी क्षमता खो सकती है खासकर अगर आप रोजाना ज्यादा इस्तेमाल करते हैं.
कॉपर कॉइल ज्यादा एफिशिएंट होती है यानी यह कम बिजली में बेहतर रिजल्ट देती है. इससे आपकी बिजली की बचत भी होती है. दूसरी तरफ, एल्युमिनियम कॉइल में थोड़ा ज्यादा पावर लॉस होता है जिससे बिजली की खपत बढ़ सकती है.
अगर आप रोजाना ज्यादा खाना बनाते हैं और लंबे समय तक चलने वाला इंडक्शन चाहते हैं तो कॉपर कॉइल वाला विकल्प बेहतर रहेगा. वहीं अगर आप हल्के इस्तेमाल के लिए और कम बजट में कुछ ढूंढ रहे हैं तो एल्युमिनियम कॉइल भी काम चला सकता है.