विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के अनुसार झारखंड में 23 फरवरी को 17 मिनट तक उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड के लगभग 40 साल पुराने विमान का आपातकालीन लोकेशन ट्रांसमीटर (ईएलटी) सक्रिय नहीं हो पाया था. हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई थी, विमान पूरी तरह नष्ट हो गया था और उसका मलबा झारखंड के चतरा जिला में सिमरिया के पास जंगल क्षेत्र में बिखरा पाया गया था.
रांची से दिल्ली जाने के लिए एयर एम्बुलेंस के तौर पर इस्तेमाल किए गए विमान में दो पायलट, दो चिकित्साकर्मी, एक मरीज और दो सहायक सवार थे. एएआईबी के अनुसार विमान ने 23 फरवरी को शाम 7:07 बजे रांची एयरपोर्ट से 830 लीटर ईंधन के साथ उड़ान भरी और 7:24 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया. एएआईबी ने बताया कि विमान का आपातकालीन लोकेशन ट्रांसमीटर सक्रिय नहीं हो पाया था.
हादसे में सात लोगों की मौतदरअसल झारखंड के रांची से सात लोगों को दिल्ली ले जा रही एक एयर एंबुलेंस सोमवार (23 फरवरी) को चतरा जिले के सिमरिया के पास हादसे का शिकार हो गई. इससे उसमें सवार सातों लोगों की मौत हो गई थी. यह रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट C90 एयरक्राफ्ट VT-AJV था, जो रांची-दिल्ली सेक्टर पर मेडिकल इवैक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) फ्लाइट चला रहा था. एयरक्राफ्ट ने 19.11 IST पर रांची से उड़ान भरी थी. इस पूरे मामले में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और AAIB की टीम जांच कर रही है.
रांची से दिल्ली जा रहा था विमानचतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी. ने बताया था कि एयर एम्बुलेंस में सवार सभी सात लोगों की दुर्घटना में मौत हो गई. विमान रांची से दिल्ली जा रहा था. उन्होंने कहा कि यह आंधी-तूफान की वजह से क्रैश हुआ. डॉक्टरों की टीम ने उन्हें मृत पाया. कुल 7 लोग मारे गए हैं. दो क्रू मेंबर थे. बाकी 5 एक मरीज और मरीज के परिवार के सदस्य थे.
सात मृतकों की हुई पहचानएसडीपीओ शुभम खंडेलवाल ने बताया थी कि सभी सात मृतकों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई. इससे पहले एक अधिकारी ने बताया था कि यह दुर्घटना रांची एयरपोर्ट से एयर एंबुलेंस के शाम करीब 7 बजकर 10 मिनट पर उड़ान भरने के बाद हुई.