मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध और भी गहरी होती जा रही है। इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी यह जंग अब एक ऐसे मोड़ पर आ गई है, जहाँ से होने वाले नुकसान का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। हाल ही में अमेरिका ने संकेत दिए थे कि वह ईरान के एनर्जी सोर्सेज (ऊर्जा ठिकानों) पर हमला नहीं करेगा, लेकिन ईरान के तेवर नरम होने के बजाय और सख्त हो गए हैं। ईरान ने अब एक ऐसी चेतावनी दी है जिसने पूरे पश्चिम एशिया में खलबली मचा दी है।
होटलों को बनाया नया निशानाईरान की सेना ने अब सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया के जिन भी होटलों में अमेरिकी सैनिक ठहरे हुए हैं, उन्हें निशाना बनाया जाएगा। तेहरान ने स्पष्ट शब्दों में होटल मालिकों को चेतावनी दी है कि वे अपने यहाँ अमेरिकी सैनिकों को पनाह न दें। ईरान का दावा है कि ये होटल अब उसके रडार पर हैं और कभी भी एक बड़ा हमला किया जा सकता है।
विदेश मंत्री ने लगाया गंभीर आरोपईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर मोर्चा संभाला है। उन्होंने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों के लोगों को सचेत करते हुए आरोप लगाया कि अमेरिकी सैनिक आम नागरिकों को ‘मानव ढाल’ (Human Shield) के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। अरागची के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ही अमेरिकी सैनिक अपने सैन्य बेस छोड़कर होटलों और रिहायशी दफ्तरों में छिप रहे हैं।
ईरान की एक समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन जैसे देशों के होटलों को सख्त चेतावनी भेजी गई है। विदेश मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे मिडिल ईस्ट के किसी भी हिस्से में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों के आसपास के इलाकों को तुरंत खाली कर दें।
‘हम हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ सकते’ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता अबोलफजल शेकरची ने इस रणनीति को जायज ठहराया है। उन्होंने तर्क दिया कि जब अमेरिकी सेना की टुकड़ी किसी होटल में ठहरती है, तो वह इमारत तकनीकी रूप से ‘अमेरिकी ठिकाना’ बन जाती है। शेकरची ने कड़े लहजे में कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो ईरान चुप नहीं बैठेगा और वहीं पलटवार करेगा जहाँ अमेरिकी सैनिक मौजूद होंगे, फिर चाहे वह कोई होटल ही क्यों न हो।
इजरायल पर हमलों की नई लहरदूसरी ओर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इजरायल के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। गुरुवार को IRGC ने ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ की 83वीं लहर शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत इजरायली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। ईरान का दावा है कि उसने अशदोद में तेल भंडारण केंद्रों और मोदीन में खुफिया सैन्य सुविधाओं को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।