नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो जेवर में स्थित है, उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ व्यापार, निवेश, औद्योगिक विकास और पर्यटन को एक नई दिशा देने की संभावना रखता है। यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे बनाया गया है और दिल्ली-एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेगा। इसके माध्यम से आगरा, मथुरा-वृंदावन, फतेहपुर सीकरी और लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क जैसे पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
यह एयरपोर्ट न केवल उड़ानों का केंद्र बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, इतिहास, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण साधन भी होगा।
उत्तर प्रदेश अब घरेलू पर्यटन में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुका है। योगी सरकार के 9 वर्षों में आगरा, मथुरा, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यूपी, जिसे पहले 'लैंडलॉक्ड' माना जाता था, अब हवाई मार्ग से दुनिया से जुड़कर विदेशी पर्यटन में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। जेवर एयरपोर्ट के खुलने से विदेशी पर्यटकों को लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या के इंटरनेशनल एयरपोर्टों के साथ एक नया विकल्प मिलेगा।
अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भक्तों को पहले दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब जेवर एयरपोर्ट के खुलने से आगरा और फतेहपुर सीकरी तक पहुंचना केवल 1.5 से 2 घंटे में संभव होगा। मथुरा-वृंदावन तक पहुंचने में भी केवल 90 मिनट का समय लगेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से यूपी में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। दुधवा नेशनल पार्क, लखीमपुर खीरी और उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जैसे स्थलों पर आने वाले प्रकृति प्रेमियों को विशेष सुविधाएं मिलेंगी। यूपी की पर्यटन नीति-2022 के तहत इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए दुधवा और कतर्निया घाट जैसे स्थलों पर विदेशी पर्यटकों की पहुंच को आसान बनाया जाएगा।
इसके अलावा, एयरपोर्ट के निर्माण से यूपी में मेडिकल और बिजनेस टूरिज्म में भी वृद्धि होगी। पर्यटन के विकास के साथ होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट्स, गाइडों और स्थानीय उत्पादों का भी तेजी से विकास होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के विजन को साकार करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।