आईपीएल का नया सीजन शुरू हो चुका है और पहले ही मैच में चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आसान जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया. इसके साथ ही सभी 10 फ्रेंचाइजी के फैंस के बीच भी सोशल मीडिया पर जंग शुरू हो गई है, जहां हर मौका मिलने पर वो एक-दूसरे पर तंज कसते हैं. मगर इससे पहले कि फैंस के बीच किसी तरह का टकराव शुरू होता, सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ही कुछ यूजर्स से भिड़ पड़े और उन पर भद्दे कमेंट्स करने लगे. वजह- हरभजन समेत कई कमेंटेटर्स की आलोचना.
असल में रविवार 28 मार्च को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल का पहला मैच खेला गया. इसमें बेंगलुरु और हैदराबाद आमने-सामने थे. मैदान पर चल रहे इस मैच का प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स के अलग-अलग चैनलों में हो रहा था, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी की कॉमेंट्री भी सुनने को मिल रही थी. हिंदी कॉमेंट्री की जिम्मेदारी वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, आकाश चोपड़ा, रविचंद्रन अश्विन, नवजोत सिंह सिद्दधू जैसे दिग्गजों पर थी.
मगर शायद ये कमेंट्री कुछ फैंस को पसंद नहीं आई और उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की. कुछ यूजर्स ने हरभजन, आकाश चोपड़ा और वीरेंद्र सहवाग की फोटो पोस्ट कर उनकी कॉमेंट्री पर सवाल खड़े किए, जबकि किसी ने उन्हें जोकर कह दिया. मगर जहां बाकी दिग्गजों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, वहीं मैच के अगले दिन हरभजन भड़क उठे. उन्होंने कुछ ट्वीट्स का जवाब देते हुए भद्दी टिप्पणियां की.
एक ट्वीट के जवाब में हरभजन ने लिखा, “हाथी चले बाज़ार । कुत्ते भोंके हज़ार । चल निकल यहाँ से Tomy . Not Homie”
हाथी चले बाज़ार । कुत्ते भोंके हज़ार । चल निकल यहाँ से Tomy . Not Homie
https://t.co/Wa2Nw16EAM
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) March 29, 2026
वहीं एक अन्य पोस्ट पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए हरभजन सिंह ने कमेंट किया, “इनमें से एक को पापा चुन ले.” इनके अलावा भी हरभजन ने एक पोस्ट किया, जिसकी भाषा और खराब थी.
Inme se ek ko papa chun le
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) March 29, 2026
इस पोस्ट के बाद से ही हरभजन पर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा और उन्हें स्टार स्पोर्ट्स की कॉमेंट्री टीम से बाहर करने की मांग होने लगी. वैसे ये पहला मौका नहीं है, जब हिंदी कॉमेंट्री को लेकर सवाल उठे हैं. अक्सर फैंस हिंदी कॉमेंट्री के स्तर की आलोचना करते रहे हैं और एक शिकायत हमेशा यही रहती है कि कॉमेंट्री करने वाले ज्यादातर पूर्व क्रिकेटर्स खेल की बारीकियों को समझाने के बजाए सिर्फ अपने किस्से सुनाते हैं या इधर-उधर की बातें करते हैं. इसके अलावा कई खिलाड़ियों को लेकर उनकी कमजोर जानकारी को लेकर भी आलोचना होती रही है.