अमेरिकी ठिकानों पर हमलों में ईरान की मदद कर रहा रूस? जेलेंस्की का सनसनीखेज दावा
TV9 Bharatvarsh March 30, 2026 07:42 AM

ईरान और अमेरिका के नेतृत्व वाले गुट के बीच युद्ध मिडिल ईस्ट में छिड़ा हुआ है. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले से पहले रूस ने ईरान के साथ खुफिया जानकारी साझा की थी. इस नए घटनाक्रम के केंद्र में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की हैं, जिन्होंने आरोप लगाया है कि रूस ने अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में ईरान की मदद करने में प्रत्यक्ष भूमिका निभाई.

कतर दौरे के दौरान बोलते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि सऊदी अरब में अमेरिकी हवाई अड्डे पर हमले से पहले रूस ने ईरान के साथ खुफिया जानकारी साझा की थी. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि ईरानियों की मदद करना रूस के हित में है. और मुझे विश्वास नहीं है, मैं जानता हूं कि वे जानकारी साझा करते हैं.

प्रिंस सुल्तान हवाई अड्डे की लीं तस्वीरें

राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक रूसी सेटेलाइट्स ने 20 मार्च, 23 मार्च और 25 मार्च को प्रिंस सुल्तान हवाई अड्डे की तस्वीरें लीं. इस अड्डे पर अमेरिकी और सऊदी सेनाएं तैनात हैं. ईरान ने 26 मार्च को इस पर हमला किया, जिसमें कई अमेरिकी सैनिक घायल हो गए. जेलेंस्की ने कहा कि इस तरह बार-बार तस्वीरें लेना सामान्य बात नहीं है.

उन्होंने समझाया, हम जानते हैं कि अगर वे एक बार तस्वीरें लेते हैं, तो वे तैयारी कर रहे हैं. अगर वे दूसरी बार तस्वीरें लेते हैं, तो यह एक तरह का अभ्यास है. तीसरी बार तस्वीरें लेने का मतलब है कि एक या दो दिन में वे हमला करेंगे.

दावों की पुष्टी का सबूत नहीं

आरोप की गंभीरता के बावजूद, यूक्रेन द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी का की पुष्टी का कोई सबूत नहीं हैं. जेलेंस्की की ब्रीफिंग में उपग्रह चित्रों के प्रत्यक्ष प्रमाण शामिल नहीं थे और न ही यह बताया गया था कि कीव को यह जानकारी कैसे प्राप्त हुई.

रूस ने भी अतीत में इसी तरह के आरोपों को खारिज किया है. विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में इस बात से इनकार किया कि मॉस्को ईरान के साथ खुफिया जानकारी साझा कर रहा था, हालांकि उन्होंने दोनों देशों के बीच चल रहे सैन्य सहयोग को स्वीकार किया. हालांकि, पहले की रिपोर्टों में यह सुझाव दिया गया था कि रूस संभवतः ईरान को क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं के स्थान के बारे में जानकारी दे रहा था.

यूक्रेन के लिए समर्थन जुटा रहे जेलेंस्की

जेलेंस्की रूस के खिलाफ यूक्रेन के युद्ध के लिए खाड़ी देशों से समर्थन मांग रहे हैं. अपनी यात्राओं के दौरान, यूक्रेन ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे देशों को अपने युद्धक्षेत्र के अनुभव, विशेष रूप से हवाई रक्षा और ड्रोन युद्ध में, देने की पेशकश की है.

सऊदी अरब और कतर के साथ समझौता

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और कतर के साथ पहले ही समझौते हो चुके हैं, जिनमें यूक्रेन महत्वपूर्ण निवेश के बदले तकनीकी विशेषज्ञता साझा करेगा. जेलेंस्की ने कहा, वे हमारी विशेषज्ञता को पहचानते हैं, और रूस द्वारा अपने युद्ध में व्यापक रूप से इस्तेमाल किए गए ईरानी निर्मित शाहेद ड्रोनों का मुकाबला करने में यूक्रेन के अनुभव का हवाला दिया.

मिसाइल रक्षा प्रणालियों की मांग में भारी वृद्धि

यूक्रेनी नेता ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष यूक्रेन से महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य आपूर्ति को दूसरी ओर मोड़ सकता है. इस क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों पर बार-बार हमले हो रहे हैं, जिसके चलते मिसाइल रक्षा प्रणालियों की मांग में भारी वृद्धि हुई है. मैं बहुत चिंतित हूं. मुझे उम्मीद है कि अमेरिका ऐसी गलतियां नहीं दोहराएगा, जेलेंस्की ने कहा, और इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन की रक्षा के लिए पश्चिमी देशों का निरंतर सैन्य समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण है.

जेलेंस्की के ये दावे, चाहे साबित हों या न हों, वैश्विक समीकरणों में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करते हैं. जैसे-जैसे ईरान अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ टकराव बढ़ा रहा है, और रूस यूक्रेन में अपना युद्ध जारी रखे हुए है, मॉस्को और तेहरान के हितों में टकराव की संभावना को नजरअंदाज करना मुश्किल होता जा रहा है.

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