News India Live, Digital Desk: ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स आज घर-घर की पसंद है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो कौन सी फिल्म थी जिसने नेटफ्लिक्स को 'डिजिटल जाइंट' बनाने की शुरुआत की थी? साल 2015 में रिलीज हुई कल्ट क्लासिक फिल्म 'बीस्ट्स ऑफ नो नेशन' (Beasts of No Nation) को आज 11 साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन इसका क्रेज और इसकी रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी आज भी दर्शकों के बीच ट्रेंड कर रही है। यह न केवल नेटफ्लिक्स की पहली बड़ी ओरिजिनल फिल्म थी, बल्कि इसने हॉलीवुड और डिजिटल रिलीज के समीकरणों को हमेशा के लिए बदल दिया था।एक मासूम बच्चे का 'बाल सैनिक' बनने का खौफनाक सफरकैरी जोजी फुकुनागा द्वारा निर्देशित यह फिल्म पश्चिम अफ्रीका के एक अनाम देश में चल रहे गृहयुद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कहानी एक छोटे बच्चे अगु (Agu) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे युद्ध की आग में अपना परिवार खोना पड़ता है। इसके बाद वह एक विद्रोही गुट के हत्थे चढ़ जाता है, जहाँ एक क्रूर 'कमांडेंट' उसे एक मासूम बच्चे से एक खूंखार बाल सैनिक (Child Soldier) बनने के लिए मजबूर करता है। फिल्म में हिंसा, युद्ध की विभीषिका और मानवीय संवेदनाओं के खत्म होने के दृश्यों को इतनी बारीकी से दिखाया गया है कि कमजोर दिल वालों के लिए इसे देखना आसान नहीं है।इदरीस एल्बा का वो किरदार जिसने जीते 31 से ज्यादा अवॉर्ड्सहॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इदरीस एल्बा (Idris Elba) ने इस फिल्म में 'कमांडेंट' की भूमिका निभाई थी। उनके अभिनय की तीव्रता ऐसी थी कि उन्हें इस फिल्म के लिए गोल्डन ग्लोब और बाफ्टा (BAFTA) जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए नामांकित किया गया। फिल्म ने दुनिया भर के विभिन्न फिल्म फेस्टिवल्स में कुल 31 से ज्यादा बड़े पुरस्कार अपने नाम किए। बाल कलाकार अब्राहम अत्ताह (Abraham Attah) ने अगु के रूप में जो अभिनय किया, उसे आज भी सिनेमा के इतिहास के सबसे बेहतरीन डेब्यू परफॉर्मेंस में से एक माना जाता है।सिनेमाघरों बनाम डिजिटल की पहली बड़ी जंग'बीस्ट्स ऑफ नो नेशन' ऐतिहासिक इसलिए भी है क्योंकि जब यह 2015 में रिलीज हुई थी, तब बड़े सिनेमा चेन ने इसका बहिष्कार (Boycott) किया था। वजह यह थी कि नेटफ्लिक्स इसे उसी दिन ऑनलाइन स्ट्रीम कर रहा था जिस दिन यह थियेटरों में लग रही थी। तब इंडस्ट्री को लगा था कि डिजिटल फिल्में फ्लॉप होंगी, लेकिन इस फिल्म की सफलता ने साबित कर दिया कि कंटेंट दमदार हो तो प्लेटफॉर्म मायने नहीं रखता।आज भी नेटफ्लिक्स पर क्यों देखनी चाहिए यह फिल्म?अगर आप 'वॉर ड्रामा' या 'रियलिस्टिक सिनेमा' के शौकीन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए मस्ट-वॉच है।अविश्वसनीय सिनेमैटोग्राफी: फिल्म के विजुअल्स आपको सीधे युद्ध के मैदान में ले जाते हैं।भावनात्मक गहराई: एक बच्चे के मानसिक परिवर्तन की कहानी आपको सोचने पर मजबूर कर देगी।इतिहास का हिस्सा: यह फिल्म स्ट्रीमिंग सर्विस के युग की शुरुआत का सबसे बड़ा गवाह है।