Ramayana Teaser & Ram: भक्ति रस कहां है! एक्शन में दिखे राम बने रणबीर कपूर, रामायण टीजर पर धुरंधर का असर?
TV9 Bharatvarsh April 02, 2026 06:42 PM

रामायण से भक्ति रस को अलग नहीं किया जा सकता, त्याग और करुणा के भाव को दूर नहीं किया जा सकता. रणबीर कपूर की आने वाली फिल्म रामायण के टीजर में कुछ टेक्स्ट अंग्रेजी में लिखे आते हैं. जिसमें कहा गया है- एक ऐसी महागाथा जो पिछले पांच हजार सालों से हमारे दिलों पर राज कर रही है. लेकिन दुनिया भर के रामायण प्रेमी इस बात को बखूबी जानते हैं कि इस कहानी और इसके किरदारों की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह है- भक्ति रस, प्रेम और त्याग. जबकि रणबीर कपूर की रामायण के टीजर को बारीकी से देखिए तो रामायण का ये मूल तत्व ही गायब हैं. वीएफएक्स भरपूर हैं. रणबीर एक्शन में दिख रहे हैं, जैसे कि हालिया ब्लॉकबस्टर धुरंधर में रणवीर सिंह नजर आते हैं.

हालांकि किसी ट्रेलर और टीजर को देखकर आने वाली फिल्मों के बारे में धारणा पुख्ता नहीं की जा सकती. लेकिन फिल्म की एक झलक तो दिखा ही देती है. ट्रेलर और टीजर फिल्म के आगाज होते हैं, जिसके अंजाम थिएटर्स में देखने को मिलते हैं. बात रामायण की हो तो इसकी जवाबदेही और भी बढ़ जाती है. रामायण की कहानियां देश की संस्कृति और इतिहास को दर्शाती है. इसका अपना धार्मिक महत्व है. और पर्दे पर किसी भी धार्मिक कृति के प्रस्तुतिकरण में निर्देशक या लेखक की अपनी सोच और शैली की स्वीकृति हमेशा चुनौतीपूर्ण होती है. पिछले सालों में इसके असर देखे जा चुके हैं.

मल्टीस्टारर, 4000 करोड़ का बजट!

आपको बताएं दिवाली 2026 के मौके पर रामायण का पहला पार्ट देखने को मिल सकता है. फिल्म की मेकिंग लंबे समय से सुर्खियां बटोर रही थी. सीता, रावण, हनुमान, लक्ष्मण आदि किरदारों के लिए सई पल्लवी, यश, सनी देओल, अमिताभ बच्चन, अरुण गोविल आदि मल्टीस्टारर, करीब चार हजार करोड़ के भारी भरकम बजट, फिल्म को दो पार्ट में रिलीज की तैयारी- आदि आदि बातें इसके भव्य प्रचार-प्रसार के साधन बनीं. फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी हैं, दंगल जैसी कामयाब फिल्म जिनके नाम से दर्ज है. उन्होंने बरेली की बर्फी जैसी भावुक फिल्म लिखी भी थी. रामायण फिल्म के लेखक अपहरण के लिए नेशनल अवॉर्ड विनर लेखक श्रीधर राधवन हैं. लेकिन इसके बाद उनकी ख्याति यशराज की स्पाई यूनिवर्स वॉर, वॉर 2, पठान और टाइगर 3 जैसी फिल्मों के लेखक के तौर पर भी है.

स्पाई थ्रिलर का भी प्रभाव

गौर कीजिए तो रामायण के टीजर की कुछेक तस्वीरों पर स्पाई थ्रिलर का प्रभाव दिखता है. सबसे पहले जटायु युद्ध, राम बने रणबीर कपूर की एंट्री का क्लोज अप, उनके वॉक, स्टंट के सीन, धनुष तानने की स्टाइल, राजमहल से लक्ष्मण और सीता के साथ वन गमन, गुरुकुल में शस्त्राभ्यास या फिर वनवास यात्रा के दौरान वॉरियर लुक और प्रहार करने वाला अंदाज- इन सभी को गौर से देखिए तो अहसास होगा इसमें वीएफएक्स का भरपूर इस्तेमाल किया गया है. इसमें कोई दो राय नहीं कि वीएफएक्स की क्वालिटी बेहतर दिखती है. लेकिन यह वीएफएक्स इतना ज्यादा है कि राम के चरित्र के प्रभाव और रणबीर कपूर के अभिनय पर हावी नजर आ रहा है. पहली नजर में रामायण फिल्म के टीजर से भक्ति का भाव विलुप्त है. दर्शक चमत्कृत हो रहे हैं मोहित नहीं.

परंपरा से हट कर राम की छवि मंजूर नहीं

हालांकि आने वाले समय में रामायण के कुछ और प्रमोशनल वीडियोज आएंगे. ट्रेलर आना बाकी है, गाने आने बाकी हैं, राम जन्मोत्सव, राम विवाह, रावण युद्ध आदि के कई प्रमोशनल क्लिप्स आनी बाकी है- जिसके बाद यह धारणा आकार ले सकती है कि फिल्म कैसी होगी. लेकिन इतिहास में यह नजीर मौजूद है कि राम की छवि जब-जब परंपरा से हट कर दिखाई गई, दर्शकों ने उसे खारिज कर दिया. राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, वह धीरोदात्त नायक हैं. दर्शकों को इसके इतर राम की तस्वीर ना तो स्वीकार्य हैं और ना ही पूज्य. टीजर में कहा गया है कि राम हमारे रक्षक, राम हमारे नायक लेकिन अगर इसी के साथ अगर उन्हें आराध्य भी कहा जाता तो और भी अच्छा होता.

राम के रूप में रणबीर कपूर की चुनौती

गौरतलब है कि भगवान श्रीराम ने अपने पूरे जीवन काल में केवल एक बार समुद्र से रास्ता मांगने के दौरान क्रोध प्रकट किया था. लेकिन उनके समूचे चरित्र में इस रूपक को पिरोने का साहस कभी लोकप्रिय नहीं हो सका. राम हमेशा से क्षमा करने वाले, उद्धार करने वाले नायक के रूप में जनमानस में कैद हैं. प्रयोग का नतीजा हम आदि पुरुष फिल्म में देख चुके हैं. हालांकि फिलहाल नितेश तिवारी की रामायण और ओम राउत की आदि पुरुष की तुलना की कोई दरकार नहीं है. बस, ये देश की बहुसंख्य जनता की आस्था और आकांक्षा से जुड़ा मसला है. रणबीर कपूर की राम के रूप में लोकप्रियता हासिल करने की बड़ी चुनौती है. तो साई पल्लवी को सीता के रूप में भी.

रामायण सबसे बड़ी विशेषता यही है कि इसकी कहानी से हम पूरी तरह से अवगत हैं फिर भी उसे बार बार देखते और सुनते हैं- तो उसकी सबसे बड़ी वजह है- इसमें निहित भक्ति रस, मर्यादा और त्याग के प्रसंग. महज युद्ध या युद्धोन्माद नहीं. रामायण संपूर्ण जीवन दर्शन है. समाज के हर वर्ग, देशकाल, राष्ट्र, राज्य आदि के लिए संदेश है. रामानंद सागर ने अपने रामायण सीरियल में इन सभी को उसी खूबी के साथ दर्शाया है, जिसके लिए बाल्मिकी की रामायण या तुलसीदास की रामचरित मानस विख्यात है. कोई हैरत नहीं कि इसीलिए वह सर्वाधिक लोकप्रिय और स्वीकार्य है.

फिलहाल इतना ही. इस फिल्म से जुड़ी नई अपडेट और प्रमोशनल वीडियोज का इंतजार करें.

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