Baisakhi 2026: इस साल कब है बैसाखी? जानें कैसे हुई इस पर्व को मनाने की शुरुआत
TV9 Bharatvarsh April 05, 2026 11:43 PM

Baisakhi 2026: बैसाखी सिख धर्म का एक पावन और महतत्वपूर्ण त्योहार है. ये त्योहार विशेषतौर पर पंजाब और हरियाणा में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. ये एक कृषि त्योहार है. यह दिन और त्योहार नई फसल (रबी) की कटाई की खुशी का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी बैसाखी का गहरा महत्व बताया जाता है.

बैसाखी के दिन से ही सिख धर्म का नववर्ष शुरू होता है, इसलिए ये त्योहार नई उमंग लेकर आता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल बैसाखी कब मनाई जाएगी. साथ ही जानते हैं कि कब और कैसे बैसाखी मनाने की परंपरा की शुरुआत हुई?

कब है बैसाखी का पर्व?

हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार, हर साल मेष संक्रांति के दिन बैसाखी मनाई जाती है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन सूर्य का प्रवेश उनकी उच्च की राशि मेष में होता है. दृक पंचांग के अनुसार, इस साल बैसाखी का त्योहार 14 अप्रैल को मनाया जाएगा. 14 अप्रैल को ही सूर्य मीन से मेष राशि में प्रवेश करेंगे. बैसाखी का शुभ समय सुबह 9 बजकर 39 मिनट पर है.

कब और कैसे शुरू हुई बैसाखी की परंपरा?

सिख इतिहास के अनुसार, 13 अप्रैल 1699 को सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब की पावन धरती पर खालसा पंथ की स्थापना की. मान्यता है कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने ‘पंज प्यारों’ पर अमृत छिड़का और इस पंथ की स्थापना की. उन्होंने ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाते हुए लोगों को सिंह और कौर की उपाधि दी. कहा जाता है कि तभी ये दिन यह दिन सिख समुदाय के जन्मदिन के रूप में मनाया जाने लगा. इस पर्व का संबंध नई फसल की कटाई से भी है, इसलिए पंजाब-हरियाणा के किसानों के लिए यह दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है.

बैसाखी कैसे मनाते हैं?
  • बैसाखी के अवसर पर गुरुद्वारे फूलों और रोशनी से सजाए जाते हैं
  • श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर गुरुद्वारों में माथा टेकते हैं
  • गुरुद्वारों में अरदास और कीर्तन का आयोजन होता है
  • पंज प्यारों की अगुवाई में भव्य नगर कीर्तन निकाले जाते हैं
  • इस दिन पुरुष भांगड़ा करते हैं, जबकि महिलाएं पारंपरिक गिद्दा करती हैं.
  • गुरुद्वारों में विशाल लंगर आयोजित होता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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