हार्ट फेल एक ऐसी स्थिति होती है, जब हार्ट शरीर की जरूरत के अनुसार खून को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता. इसका मतलब यह नहीं होता कि दिल पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है, बल्कि इसकी क्षमता कमजोर हो जाती है. यह समस्या धीरे-धीरे विकसित होती है और समय के साथ गंभीर रूप ले सकती है. जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा या पहले से दिल की बीमारी होती है, उन्हें इसका खतरा ज्यादा रहता है.
इसके अलावा गलत खानपान, धूम्रपान, ज्यादा तनाव और शारीरिक एक्टिविटी की कमी भी जोखिम बढ़ा सकती है. बढ़ती उम्र के साथ भी इसका खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बुजुर्गों को खास ध्यान रखने की जरूरत होती है. अगर समय रहते इस स्थिति को समझा जाए, तो इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि हार्ट फेल होने के कारण और लक्षण क्या हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है.
हार्ट फेल क्यों होता है?राजीव गांधी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि हार्ट फेल होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं. लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से हार्ट पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे इसकी क्षमता कमजोर हो सकती है. दिल की मांसपेशियों का कमजोर होना, हार्ट अटैक के बाद दिल को नुकसान पहुंचना या वाल्व की समस्या भी इसका कारण बन सकती है.
डायबिटीज और थायरॉइड जैसी बीमारियां भी दिल के काम पर असर डालती हैं. इसके अलावा धूम्रपान, ज्यादा शराब का सेवन, खराब खानपान और व्यायाम की कमी भी जोखिम बढ़ाते हैं. अगर इन कारणों पर ध्यान न दिया जाए, तो धीरे-धीरे हार्ट फेल की स्थिति विकसित हो सकती है.
हार्ट फेल होने से पहले कौन से लक्षण दिखते हैं?हार्ट फेल होने से पहले शरीर कुछ संकेत देता है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जैसे जल्दी थकान महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ होना, खासकर चलते या सीढ़ियां चढ़ते समय, पैरों और टखनों में सूजन आना और बार-बार खांसी या सांस फूलना.
कुछ लोगों को दिल की धड़कन तेज या असामान्य महसूस हो सकती है. रात में लेटते समय सांस लेने में परेशानी होना भी एक संकेत हो सकता है. अगर ऐसे लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
कैसे करें बचावहार्ट फेल से बचाव के लिए स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाना सबसे जरूरी है. संतुलित डाइट लेना, नमक और तैलीय चीजों का कम सेवन करना और नियमित व्यायाम करना दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी जरूरी है.
इसके अलावा तनाव को कम रखना और पर्याप्त नींद लेना भी दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होता है. समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करना, हार्ट फेल के खतरे को कम करने में मदद करता है.