जबलपुर: चोरी की बाइक, गलत नंबर प्लेट… 'फर्जीवाड़ा' कर शराब खरीदने पहुंचा था शख्स; पुलिस ने ऐसे दबोचा
TV9 Bharatvarsh April 06, 2026 03:43 AM

कहते हैं कि अपराध की उम्र लंबी नहीं होती और शौक अगर गलत हों, तो अंजाम सलाखों के पीछे ही खत्म होता है. मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां शराब की लत ने एक शख्त को पुलिस के चंगुल में फंसा दिया. चोरी की बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे व्यक्ति की ‘होशियारी’ उस वक्त धरी की धरी रह गई, जब यातायात पुलिस ने उसे दबोच लिया. पुलिस के जाल में फंसते ही उसका सारा नशा उतर गया.

शहर में बढ़ती बाइक चोरी की वारदातों के बीच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अंजना तिवारी के निर्देशन में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान गढ़ा यातायात पुलिस की टीम महानंदा शराब दुकान के सामने ‘नो पार्किंग’ में खड़े वाहनों पर कार्यवाही कर रही थी, तभी पुलिस की नजर एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर पड़ी, जिसकी नंबर प्लेट पर MP 20 MX 737 लिखा था.

नंबल प्लेट से गायब मिला एक अंक

ध्यान से देखने पर पता चला कि इस नंबर प्लेट से एक अंक गायब था. बस, पुलिस का शक यहीं से यकीन में बदल गया. जब निरीक्षक इंदिरा ठाकुर और सूबेदार मनीष पयासी की टीम ने वाहन के चेचिस नंबर की जांच की और डेटाबेस से मिलान किया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. ​पुलिस ने जब असली वाहन मालिक से संपर्क किया, तो पता चला कि यह मोटरसाइकिल दो साल पहले चोरी हो चुकी थी, जिसकी एफआईआर रामपुर चौकी में दर्ज है.

युवक नहीं दिखा पाया दस्तावेज

शातिर चोर ने पहचान छिपाने के लिए बाइक पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर डाल रखा था, लेकिन वह नंबर प्लेट को पूरी तरह सही बनाने में चूक गया. पुलिस की गिरफ्त में आए व्यक्ति ने खुद को बचाने के लिए अजीबोगरीब दलील दी. उसने बताया कि यह बाइक मैंने राजेश नाम के किसी व्यक्ति से 20 हजार रुपये में खरीदी थी. ​जब पुलिस ने कागजात मांगे, तो उसके पास कोई दस्तावेज नहीं थे. ​आरोपी को न तो राजेश का पूरा नाम पता है और न ही उसका पता.

आरोपी ने लगाए फंसाने के आरोप

आरोपी अब खुद को बेगुनाह बता रहा है और कह रहा है कि उसे फंसाया गया है. हालांकि, चोरी की बाइक का इस्तेमाल और फर्जी नंबर प्लेट उसके दावों की पोल खोल रही है. बहरहाल पुलिस अब उस ‘राजेश’ की तलाश में जुटी है, जिसने यह चोरी की बाइक बेची थी. ​यातायात पुलिस ने वाहन सहित युवक को अग्रिम कार्रवाई के लिए गोरखपुर थाने भिजवा दिया है. इस कार्रवाई में निरीक्षक इंदिरा ठाकुर, सूबेदार मनीष पयासी, सूबेदार वीरेंद्र आरक और यातायात स्टाफ की अहम भूमिका रही.

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