उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिला अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलने वाला मामला सामने आया है. डीजी हेल्थ के निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई तरह की अनियमितताएंपाई हैं. अस्पताल कई वार्ड में पंखे तक नहीं हैं, जिससे लोगों को हाथ पंखा अपने साथ लेकर ही आना पड़ रहा है. इससे मरीज और उनके तीमारदार काफी परेशान नजर आ रहे हैं. यूपी डीजी हेल्थ ने अस्पताल के अधिकारियों को तुरंत मरीजों के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है.
देशभर में गर्मी का पारा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है. दिन में कड़ाके की धूप ने लोगों को बेहाल कर रखा है. इस बीच यूपी के उन्नाव जिला अस्पताल से मरीज की साथ के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है. इमरजेंसी वार्ड से लेकर कई अन्य वार्डों तक अस्पताल पंखे के कुंडे तो नजर आ रहे हैं, लेकिन पंखा नजर नहीं आ रहा है. इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. कई मरीज को अपने साथ अस्पताल में हाथ पंखा लाने को मजबूर हैं. अस्पताल में पीने के पानी, दवा और टेस्ट कराने के लिए भी मरीजों को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है.
उन्नाव जिला अस्पताल का औचक निरीक्षणइस बात का खुलासा अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे डीजी हेल्थ पवन कुमार ने किया है. उन्होंने अस्पताल में निरीक्षण के दौरान पाया कि कई कमरों में पंखे नहीं लगे और जहां लगे वहां वह वर्किंग कंडीशन में नहीं हैं. इस कारण मरीज और उनके तीमारदार को गर्मी से काफी दिक्कतें हो रही हैं. डीजी हेल्थ पवन कुमार ने बताया कि मैंने पहले भी अस्पताल को पंखे कूलर ठीक करवाने को कहा था.
पंखा नहीं चलने से मरीज परेशानअब दोबारा अधिकारियों को निर्देश दे रहा हूं कि पंखे कूलर ठीक करवा लें, ताकि मरीज को परेशान न होना पड़े. मरीजों को अस्पताल में अपने साथ पंखा लाने की कोई जरूरत नहीं है. सीलिंग फैंस को जल्द ठीक करवाने और खाली जगह वाली लगवाने के लिए कहा गया है. अस्पताल के वार्ड नंबर एक में अपनी मां का इलाज करवा रहे प्रकाश ने बताया कि उनकी मां की तबियत खराब है. उनको सांस लेने में दिक्कत आ रही हैं.
‘इमरजेंसी में भी नहीं था पंखा…’जब उनसे पूछा गया कि आप हाथ वाला पंखा क्यों चला रहे हैं तब उन्होंने बताया कि पंखा नहीं लगा है और गर्मी परेशान कर रही थी जिसके कारण घर से पंखा लेकर आए हैं. अपनी बेटी का इलाज करवा रही शिवदेवी ने बताया कि पंखा नहीं लगा है जिसके कारण बच्चे परेशान हो रहे हैं. बताया की जब हम आए थे तो हमें इमरजेंसी में रखा गया था वहां पर भी पंखा नहीं था. अब वार्ड में शिफ्ट किया गया है यहां पर भी यही हाल है. बच्चे सो तक नहीं पा रहे हैं.