तेहरान। हाल के घंटों में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका को गंभीर नुकसान का सामना करना पड़ा है। ईरान ने यह दावा किया है कि उसने अमेरिका के दो विमानों और दो हेलीकॉप्टरों को नष्ट कर दिया है।
ईरान और अमेरिका के बीच का संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने रविवार को अमेरिकी विमानों को नष्ट करने के सबूत पेश किए हैं, जिसमें विमानों के मलबे की तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं।
पायलटों को बचाने के प्रयास में हमला
ईरान का कहना है कि उसने इस्फहान क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मिशन के दौरान दो ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर और दो सी-130 ट्रांसपोर्ट विमानों को गिराया। ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इस कार्रवाई के सबूत पेश किए हैं। आईआरजीसी के अनुसार, यह हमला इस्फहान के दक्षिणी हिस्से में किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना अपने पायलटों को बचाने के लिए ऑपरेशन चला रही थी, लेकिन इस दौरान उनके विमानों को निशाना बनाया गया।
स्पीकर गालिबाफ ने साझा की तस्वीरें
ईरानी मीडिया ने पहले एक विमान के गिरने की सूचना दी थी, लेकिन अब आईआरजीसी ने चार विमानों के नष्ट होने का दावा किया है। इसके अलावा, ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने एक्स पर अमेरिकी विमान के कथित मलबे की तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें विमानों का मलबा बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है।
ईरानी मीडिया ने पहले बताया था कि लापता अमेरिकी पायलट की खोज में भेजे गए मिशन के एक विमान को निशाना बनाया गया। ईरान ने इससे पहले भी अमेरिकी एफ-15 और ए-10 विमानों को गिराने का दावा किया था। हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने इस नए दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
अमेरिका ने अपने विमानों को नष्ट किया
ईरान के दावों के विपरीत, एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान से एक बचाए गए अमेरिकी एयरमैन और कमांडो को निकालने के लिए भेजे गए दो ट्रांसपोर्ट विमान वहीं फंस गए थे। इसके बाद अमेरिका को तीन नए विमानों की आवश्यकता पड़ी। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने बाद में उन फंसे हुए विमानों को नष्ट कर दिया ताकि उनकी तकनीक ईरान के हाथ न लगे।
ईरान की सेना ने यह भी दावा किया है कि उसने इस्फहान प्रांत में 2 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन और इस्राइल के हर्मीस-900 ड्रोन को भी गिराया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि पिछले 24 घंटों में उनके क्षेत्र में कई विदेशी विमानों को नष्ट किया गया है।
कैसे अमेरिका ने अपने फाइटर जेट के दूसरे क्रू को निकाला?
ईरान में फंसे एफ-15ई के एक क्रू सदस्य, जिन्हें हथियार प्रणाली अधिकारी के रूप में पहचाना गया है, को बचाने के लिए सीआईए ने एक खुफिया ध्यान भटकाने का अभियान चलाया। इसके तहत…
सीआईए ने इंटरनेट, अपने खुफिया स्रोतों और मानवीय सहायता का उपयोग करते हुए जानबूझकर यह अफवाह फैलाई कि अमेरिकी बलों ने लापता वायुसैनिक को पहले ही खोज लिया है और उसे जमीनी रास्ते से बाहर निकालने की प्रक्रिया में हैं।
इस रणनीति के माध्यम से सीआईए ने ईरानी बलों के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास किया, ताकि उनका ध्यान उस क्षेत्र से भटक जाए, जहां अमेरिकी सेना वास्तव में अपने वायुसैनिक को खोज रही थी। इससे अमेरिका को अपने क्रू सदस्य को खोजने में सहायता मिली।