Gurugram News: हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) ने गुरुग्राम के सेक्टर-109 स्थित चिंटल्स पैराडाइसो सोसाइटी के एक मामले में पीड़ित फ्लैट मालिक के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है. हरेरा के निर्णायक अधिकारी राजेंद्र कुमार ने आदेश दिया है कि चिंटल्स इंडिया लिमिटेड को असुरक्षित घोषित किए गए एक फ्लैट के बदले खरीदार को 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान करना होगा.
इस मामले की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि हरेरा ने मुआवजे का आकलन करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया. जिला प्रशासन ने पहले इस टावर के लिए 7,900 रुपये प्रति वर्ग फीट का मुआवजा तय किया था. हालांकि, जब हरेरा ने AI के जरिए क्षेत्र के मौजूदा बाजार भाव (Market Rate) निकलवाए, तो पता चला कि सेक्टर-109 में फ्लैट्स की वर्तमान कीमत 12,000 से 12,400 रुपये प्रति वर्ग फीट के बीच है. प्राधिकरण ने पाया कि साल 2022 से अब तक प्रॉपर्टी के रेट में लगभग 64.7% की भारी बढ़ोतरी हुई है.
क्या था पूरा मामला?
दिल्ली की सिविल लाइंस निवासी याचिकाकर्ता अरुणा गर्ग ने बताया कि उन्होंने साल 2019 में सी-टावर (C-Tower) में 3,150 वर्ग फीट का फ्लैट खरीदा था. 10 फरवरी 2022 को इसी सोसाइटी के डी-टावर (D-Tower) की छह मंजिलों के ड्राइंग रूम गिरने के बाद हड़कंप मच गया था. इसके बाद आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने जांच में सभी 9 टावरों को रहने के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया था.
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मुआवजे की मांग और फैसला
याचिकाकर्ता ने फ्लैट की मूल कीमत के साथ 18% ब्याज, किराये का नुकसान और मानसिक प्रताड़ना के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की थी. हरेरा ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए और मौजूदा मार्केट रेट के आधार पर 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का आदेश दिया है. यह फैसला उन सैकड़ों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है जो चिंटल पैराडाइसो हादसे के बाद से अपने आशियाने और निवेश की सुरक्षा के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.