क्रैश हुआ शेयर बाजार, लेकिन IT शेयरों में बहार! TCS, Infosys ने दिखाई ताकत, निफ्टी IT में 6 फीसदी की महा-बढ़त
TV9 Bharatvarsh April 06, 2026 04:43 PM

भले ही पूरा शेयर बाजार दबाव में रहा, लेकिन सोमवार, 6 अप्रैल को दलाल स्ट्रीट पर IT स्टॉक्स उन कुछ सेक्टर्स में से एक रहे जिन्होंने मजबूती दिखाई. Nifty IT इंडेक्स 1 फीसदी से ज़्यादा चढ़ा, लगातार तीसरे सत्र में अपनी बढ़त जारी रखी और इस दौरान इसका कुल लाभ लगभग 6 फीसदी तक पहुंच गया. यह बढ़त इस सेक्टर के लिए एक अहम मोड़ पर आई है, क्योंकि अगले हफ्ते Q4FY26 की कमाई का सीजन शुरू होने वाला है. निवेशकों का ध्यान अब पूरी तरह से TCS, Infosys और अन्य बड़ी IT कंपनियों जैसे दिग्गजों के आने वाले नतीजों पर टिक गया है.

अलग-अलग स्टॉक्स की बात करें तो Coforge, Wipro, Tech Mahindra, Persistent Systems और Infosys में 1-2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली. जबकि HCL Tech, L&T Technology Services और Tata Consultancy Services (TCS) भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. दूसरी ओर, Mphasis और LTIMindtree दबाव में रहे और दोनों में लगभग 0.5 फीसदी की गिरावट आई.

हाल की यह वापसी, पिछले कुछ महीनों की कमजोरी के बाद इंडेक्स में एक संभावित सुधार का भी संकेत देती है. मार्च में इसमें 5% की गिरावट आई थी और फ़रवरी में AI से होने वाले बदलावों और मांग में अनिश्चितता की चिंताओं के बीच यह 19.5 फीसदी तक गिर गया था. पिछले 2 महीनों में IT स्टॉक्स पर भारी दबाव था, और Nifty IT इंडेक्स में 17 सालों में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई, क्योंकि यह डर बढ़ रहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पारंपरिक कारोबारी मॉडल्स को बाधित कर सकता है और मांग को कमजोरर कर सकता है.

शेयर बाजार में आई गिरावट

यह बिकवाली पश्चिमी बाजारों में IT खर्च में कमी, ऊंची ब्याज दरों और इस बढ़ती चिंता के कारण हुई है कि AI बिलिंग दरों को कम कर सकती हैं और IT सेवाओं से होने वाली कमाई में मंदी ला सकती हैं. IT स्टॉक्स में सोमवार को यह बढ़त तब भी देखने को मिली, जब बेंचमार्क इंडेक्स में अमेरिका-ईरान वॉर के लंबे खिंचने की चिंताओं के बीच दिन के कारोबार में भारी गिरावट आई. Sensex और Nifty 50 दोनों ही सत्र के दौरान 0.5% से ज़्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. दिन के अपने सबसे निचले स्तर पर, Sensex 591 अंक, या 0.8% गिरकर 72,728.66 पर आ गया था, जबकि Nifty 50 170 अंक, या 0.75% गिरकर दिन के निचले स्तर 22,542.95 पर पहुंच गया था.

कैसे रह सकते हैं आईटी सेक्टर के तिमाही नतीजे

भारतीय IT कंपनियों के मार्च तिमाही के आंकड़े कुछ नरम रहने की उम्मीद है, हालांकि कई कंपनियों के लिए साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ का रुझान स्थिर या थोड़ा बेहतर रहने की संभावना है. कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही को छुट्टियों (furloughs) की अनुपस्थिति से लाभ मिलने की उम्मीद है, विशेष रूप से BFSI और रिटेल जैसे सेक्टर्स में; हालांकि, काम के दिनों की संख्या कम होने के कारण यह लाभ आंशिक रूप से कम हो सकता है. चौथी तिमाही में अधिकांश IT कंपनियों के रेवेन्यू में वृद्धि मामूली रहने की संभावना है, लेकिन कई कंपनियों के लिए YoY प्रोफाइल में सुधार हो सकता है.

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए की वैल्यू में आई भारी गिरावट से कई IT कंपनियों की दोहरे अंकों में कमाई में वृद्धि को समर्थन मिलने की संभावना है. बड़ी IT कंपनियों (large-cap) में, ब्रोकरेज को TCS से सबसे मज़बूत रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है, जबकि Persistent Systems को मिड टियर की कंपनियों में सबसे आगे देखा जा रहा है.

FY27 के अनुमानों पर नजर

तिमाही कमाई के अलावा, प्रबंधन की टिप्पणियां और FY27 के अनुमान इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होंगे. भविष्य के दृष्टिकोण वाले बयानों में अमेरिका-ईरान वॉर के कारण बढ़ी हुई जियो पॉलिटिकल अनिश्चितता के प्रभाव के साथ-साथ GenAI-बेस्ड प्रोग्राम्स से रेवेन्यू जेनरेशन में गिरावट के बढ़ते दबाव को दर्शाने की संभावना है.

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