Masik Krishna Janmashtami 2026 Date: हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है. इस दिन को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और कान्हा की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है. आइए जानते हैं व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में.
कब है मासिक कृष्ण जन्माष्टमी व्रत?पंचांग के अनुसार, वैशाख महीने की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि की शुरुआत 9 अप्रैल को रात 9 बजकर 19 मिनट पर हो रही है, जबकि इसका समापन 10 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर होगा. उदया तिथि के आधार पर यह व्रत 9 अप्रैल को ही रखा जाएगा.
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026 शुभ मुहूर्तइस दिन पूजा के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं, जो व्रत और पूजा को और भी फलदायी बनाते हैं.
इस दिन व्रत रखने वाले भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ कर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. भगवान को पंचामृत से स्नान कराएं और उन्हें पीले वस्त्र, फूल, तुलसी दल और माखन-मिश्री का भोग अर्पित करें. पूजा के दौरान ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें. रात के समय विशेष रूप से श्रीकृष्ण के बाल रूप की पूजा की जाती है. भजन-कीर्तन करें और अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें. व्रत का पारण अगले दिन अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद किया जाता है.
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का महत्वमासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी पापों का नाश होता है और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है. संतान सुख, आर्थिक उन्नति और मानसिक शांति के लिए भी यह व्रत बेहद प्रभावी माना गया है. जो लोग नियमित रूप से यह व्रत रखते हैं, उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.