लखनऊ। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उसका राजनीतिक चरित्र जनविरोधी है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वह पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा शासन में न तो कानून का राज है और न ही स्वास्थ्य सेवाएं ठीक हैं। अस्पतालों की हालत खराब है और गरीबों को इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की पुलिस व्यवस्था भी कमजोर हो चुकी है।
उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को सतर्क करते हुए कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव से भी ज्यादा सावधानी बरतनी होगी। भाजपा की साजिशों से बचते हुए बूथ स्तर तक मजबूत रणनीति बनानी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान नकली हस्ताक्षर कर वोट कटवाने की कोशिश की गई, जबकि चुनाव आयोग निष्क्रिय बना रहा।
अखिलेश यादव ने कहा कि कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार की नाकामियों को उजागर करें। उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना को विफल बताते हुए कहा कि बड़े शहरों में यातायात व्यवस्था खराब है। लखनऊ में बने ग्रीन कॉरिडोर की डिजाइन को भी उन्होंने गलत बताया।
इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि नौ साल में कोई नया बिजली संयंत्र नहीं लगा, स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ताओं के बिल में गड़बड़ी हो रही है और किसान विरोधी नीतियों के तहत कन्नौज का मिल्क प्लांट बंद कर दिया गया तथा किसान बाजार बेचे गए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को विकास के रास्ते पर वापस लाने के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना जरूरी है।इस मौके पर माता प्रसाद पांडेय, राजेंद्र चौधरी और श्याम लाल पाल सहित पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे।